पुलवामा हमले पर भारतीय-अमेरिकियों ने शोक प्रकट किया
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भारतीय मूल के सैकड़ों अमेरिकी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले पर शोक एवं नाराजगी प्रकट करने के लिए अमेरिका के विभिन्न शहरों में एकत्रित हुए। पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए इस आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे।
इस हमले ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा दिया है और दोनों ही देशों ने अपने-अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। अपने गुस्से को जाहिर करने के लिए सैकड़ों भारतीय-अमेरिकी शिकागो की बाहरी सीमा पर बने 9/11 स्मारक के पास रविवार को एकत्रित हुए और सभी देशों से ऐसे “नृशंस अपराधों” को अंजाम देने वालों के खिलाफ भारत एवं अमेरिका की जंग में साथ खड़े रहने की अपील की।
इस मौके पर पढ़े गए एक संयुक्त प्रस्ताव में पाकिस्तान से कहा गया कि वह उसकी सरजमीं से संचालित हो रहे सभी आतंकवादी समूहों को सहयोग तत्काल खत्म करे। भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि वह भारतीय सुरक्षाकर्मियों की शहादत पर शोक प्रकट करते हैं। आतंकवाद, कायरता का कृत्य है, हमें आतंकवाद एवं बुराई के सामने दृढ़ रहना होगा।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का खतरा भारतीय, अमेरिकी या विश्व के लोगों की इच्छाशक्ति से ज्यादा बड़ा नहीं है। हम दृढ़ता से आतंकवाद का सामना करेंगे और आतंकवाद के प्रायोजकों से दृढ़ता से निपटेंगे। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के इस साल में हम अहिंसक, शांतिप्रिय बने रहेंगे और उन लोगों को गले लगाने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे जो शांतिपूर्ण तरीके से हमारे साथ काम करना चाहते हैं।