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कोरोना काल में दुनिया की मदद के लिए आगे आया भारत, 133 देशों को सप्लाई की दवा
Mon, 22 Jun 2020 03:07 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 22 Jun 2020 03:07 PM IST
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शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के महासचिव ब्लादीमीर ने कहा है कि भारत अपने विशाल अनुभव और गहरे ज्ञान से कोविड-19 हमारी के दौरान दुनिया के लिए औषधि केंद्र की भूमिका निभा रहा है और विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक पहलुओं की दिशा तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वायरस की रोकथाम उपचार के लिए तत्काल कदम उठाए और उसके बाद उसने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में 133 देशों को दवाई की आपूर्ति की है जो भारत की उदारता दर्शाता है।
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उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी शक्ति के आचरण का बहुमूल्य और जिम्मेदाराना उदाहरण है और इससे (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच एक दूसरे के लिए पूरक और परस्पर सहयोग नजर आता है। भारत ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गैर स्थाई सीट के लिए चुनाव व्यापक समर्थन से जीता।
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सुरक्षा परिषद में भारत के स्थाई सदस्य निर्वाचित होने पर नारोव ने कहा कि भारत ने 2021-22 के लिए सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता प्राप्त की है और यह प्रतीकात्मक आत्मा से कहीं ज्यादा मायने रखता है।
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इस साल जनवरी में भारत की यात्रा और वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ गहन बातचीत कर चुके नोरोव ने कहा कि मुझे पक्का विश्वास है कि भारत के युवा वैज्ञानिक और चिकित्सा पेशेवर कोरोना वायरस महामारी का अध्ययन करने, उसपर अनुसंधान करने और टीके के विकास में विश्व बिरादरी के इतिहास में सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
एससीओ का भारत और पाकिस्तान भी हैं सदस्य देश
एससीओ का मुख्यालय बीजिंग में है और आठ देशों का आर्थिक और सुरक्षा संगठन है भारत और पाकिस्तान 2017 में उसके सदस्य बने थे। चीन, रूस, कजाखिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के संस्थापक सदस्य हैं। उज्बेकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री नो रोग ने कहा कि भारत दवा और स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में अपने विशाल अनुभव और गहरे ज्ञान पर भरोसा करता है।
जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है भारत
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है और वह कुल वैश्विक दवा उत्पादन की 20 फीसदी दवाइयां बनाता है तथा वैश्विक टीके की 62 फीसदी मांग की पूर्ति करता है। नोरोव ने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य पर सहयोग की मजबूती के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव का विशेष उल्लेख किया।