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India-Maldives Row: मालदीव मामले में चीन ने उगला जहर, कहा- उदार रवैया अपनाए भारत
Tue, 09 Jan 2024 12:54 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 09 Jan 2024 12:54 AM IST
सार
कम्युनिस्ट सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के जरिये चीन ने कहा कि उसने कभी भी मालदीव को भारत से दूर रहने को नहीं कहा। वह भारत और मालदीव के बीच संबंधों को अपने खतरे के रूप में भी नहीं देखता।
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चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और मालदीव के नए राष्ट्रपति मुइज्जू (फाइल)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मालदीव से विवाद में अन्य देशों का भारत के साथ आना चीन को रास नहीं आया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारत को खुले दिमाग से सोचना चाहिए। भारत सोचता है कि क्षेत्र में उसका ही प्रभाव बना रहे। मालदीव और अन्य पड़ोसी उसके हिसाब से चलें और चीन से दूर रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स कहता है कि भारत को यह सोचना चाहिए कि दक्षिण एशिया के देशों में चीन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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दरअसल, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अभी चीन दौरे पर हैं। इससे पहले मालदीव का कोई भी राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा के तौर पर भारत आता रहा है। इसको लेकर भारतीय मीडिया में आई खबरों से चीन को मिर्ची लगी है। विश्लेषकों के जरिये ग्लोबल टाइम्स ने कहा, मुइज्जू की यात्रा को चीन समर्थक बताना कुछ भारतीय नेताओं में आत्मविश्वास की कमी को दर्शाता है। भारत को इस क्षेत्र में चीन के साथ प्रतिस्पर्धा का बहाना बनाकर अपने पड़ोसी देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों के लिए चीन पर दोष नहीं मढ़ना चाहिए।
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विस्तारवादी विचारधारा वाले चीन के सिचुआन इंटरनेशनल स्टडीज यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में प्रोफेसर लांग जिंगचुन कहते हैं कि चीन मालदीव संप्रभुता का सम्मान करता है और उसके घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता। भारत के विपरीत, चीन मालदीव के साथ अन्य देशों के संबंधों का विरोध नहीं करता है। ग्लोबल टाइम्स के जरिये चीन ने कहा कि उसने कभी भी मालदीव को भारत से दूर रहने को नहीं कहा। वह भारत और मालदीव के बीच संबंधों को अपने खतरे के रूप में भी नहीं देखता।
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दिल बड़ा करे भारत
अखबार ने लिखा कि चीन, भारत और मालदीव के साथ त्रिपक्षीय सहयोग करने की इच्छा रखता है। भारत को खुले दिमाग से सोचना चाहिए। भारत सोचता है कि क्षेत्र में उसका ही प्रभाव बना रहे। मालदीव और अन्य पड़ोसी उसके हिसाब से चलें और चीन से दूर रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स कहता है कि भारत को यह सोचना चाहिए कि दक्षिण एशिया के देशों में चीन को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।
मुइज्जू अपने देश का हित देख रहे
फुडन विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई अध्ययन केंद्र के उप निदेशक लिन मिनवांग के हवाले से ग्लोबल टाइम्स लिखता है, मुइज्जू चीन और भारत में से किसी का पक्ष नहीं ले रहे हैं। उन्हें ऐसा करने की जरूरत भी नहीं है। वास्तव में वह अपने देश के हित को पहले रख रहे हैं। भारत कथित तौर पर चीन समर्थक नीति का हौवा बनाकर मुइज्जू पर दबाव बनाना चाहता है।
अयोध्या और लक्षद्वीप को ईज माय ट्रिप करेगी प्रोत्साहित...
मालदीव विवाद में भारतीय कंपनियां सरकार के साथ खड़ी हैं। देश की सबसे बड़ी ट्रैवल एजेंसी ईज माय ट्रिप ने मालदीव की बुकिंग बंद कर दी है और अयोध्या और लक्षद्वीप की यात्रा के नए पैकेज जारी किए गए हैं। वहीं, विस्तार एयरलाइंस ने कहा कि बदले हालात में वह मालदीव की उड़ानों की समीक्षा करेगा। वहीं, भारतीय ट्रैवल कंपनी मेक माय ट्रिप के चीफ मार्केटिंग अधिकारी राज ऋषि सिंह ने बताया कि पीएम मोदी की यात्रा के बाद उसके प्लेटफॉर्म पर लक्षद्वीप खोजने वालों की संख्या में 3,400 फीसदी की भारी वृद्धि हुई है।