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तालिबान राज: भारत ने कहा- यूएनएससी प्रस्ताव के अनुरूप अफगान संकट से निपटे दुनिया
Wed, 15 Sep 2021 04:36 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 15 Sep 2021 04:36 AM IST
सार
विदेश सचिव ने यह भी कहा कि बीते माह भारत की अध्यक्षता में परिषद द्वारा स्वीकृत यूएनएससी प्रस्ताव में संकटग्रस्त देश से बाहर निकलना चाह रहे अफगानों और विदेशी नागरिकों की सुरक्षित निकासी की भी अपेक्षा की गई है।
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हर्षवर्द्धन शृंगला
- फोटो : Social Media
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विस्तार
भारत का कहना है कि दुनिया को अफगानिस्तान संकट से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस प्रस्ताव के आधार पर निपटना चाहिए, जिसमें अफगान जमीन का आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न होने देने की मांग की गई है।
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एक ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा, प्रस्ताव 2593 में यूएनएससी द्वारा प्रतिबंधित आतंकियों का विशेष उल्लेख किया गया है। इसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी भी शामिल हैं।
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शृंगला का कहना है, सभी मानते हैं कि अफगानिस्तान में महिला, अल्पसंख्यक अधिकारों समेत मानवाधिकारों को कायम रखने और वहां समावेशी, वार्ता आधारित राजनीतिक समझौते के लिए सभी पक्षों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा, भारत को अफगान संकट से निपटने पर वैश्विक समुदाय के संयुक्त और उत्तरदायी बने रहने की उम्मीद है।
शृंगला ने कहा, लंबे समय से अफगानों की सहायता और वहां निवेश के चलते भारत की साख बढ़ी है। साथ ही दोनों देशों के सभ्यतागत बंधन को मजबूत किया है। भारत ने अफगानिस्तान में क्षमता निर्माण में योगदान दिया है। विकास सहायता कार्यक्रम के तहत हमने वहां प्राथमिक, माध्यमिक स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटियां बनाई हैं। 65 हजार से ज्यादा अफगान छात्र भारत में पढ़े हैं। विदेश सचिव ने कहा, अफगानों के प्रति हमारा यह दोस्ताना दृष्टिकोण आगे भी जारी रहेगा।