ताशकंदः भारत ने कहा, आतंकवाद पर दोहरा चरित्र छोड़कर एकजुट हों सभी एससीओ देश
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भारत ने शनिवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में सदस्य देशों को आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वालों को ठिकाने लगाने के लिए दोहरा चरित्र छोड़कर एकजुट होने का आह्वान किया।
दोनो देशों के बीच परस्पर आर्थिक सहयोग के बारे में अपने देश का पक्ष रखा। सिंह ने कहा कि देशों के बीच परस्पर आर्थिक सहयोग की बदौलत लोगों का भविष्य मजबूत करना तथा उनके लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग की बदौलत ही लोगों के कल्याण की नींव रखी जा सकेगी।
इसके बाद भारत और उज्बेकिस्तान ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए सैन्य चिकित्सा और सैन्य शिक्षा के क्षेत्र में तीन एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
Defence Minister Rajnath Singh: India-Uzbekistan signed three MoUs in the field of Military Medicine and Military Education to further strengthen the Defence cooperation between both the countries. pic.twitter.com/Fhq2C2jQrC
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 2, 2019
इस दौरान उन्होंने सदस्य देशों को संबोधित करते हुए आर्थिक मसलों पर भी भारतीय पक्ष पेश किया। उन्होंने कहा कि एकाधिकार और संरक्षणवाद की भावना से किसी का भला नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक गतिविधियों के केंद्र में विश्व व्यापार संगठन के साथ एक पारदर्शी, नियम-आधारित, खुला, समावेशी और गैर भेदभावपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली बनाना अहम है और भारत इसके लिए प्रतिबद्ध है। राजनाथ सिंह ने एससीओ बैठक से इतर शनिवार को अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी (सीई) डा. अब्दुल्ला अब्दुल्ला के साथ द्विपक्षीय वार्ता में भी हिस्सेदारी की।
बैठक के बाद वह उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री संग भी द्विपक्षीय वार्ता में भाग लेंगे। राजनाथ एससीओ बैठक के लिए तीन दिन के दौरे पर शुक्रवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे थे। उनका स्वागत उजबेकिस्तान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अरीपोव ने किया था।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की सही राह पर है भारत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि नई दिल्ली आम आदमी की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, इसलिए मेरी नजर में भारत 2030 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए सही राह पर है।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भाग लेने यहां पहुंचे राजनाथ सिंह शनिवार को प्रवासी भारतीयों से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत द्रुत गति से आगे बढ़ रहा है। हमारे प्रधानमंत्री बहुत दूरदर्शी हैं।
उनका मानना है कि सरकार को अपने लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। केवल इसके बाद ही आम लोगों में समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का विश्वास जगेगा।
यह किया दावा
- 2.7 खरब डॉलर की हो चुकी है आज भारतीय अर्थव्यवस्था
- 02 गुना हो चुका है पिछले साढ़े चार साल में इसका आकार
- 2025-26 तक इससे भी दोगुना हो जाएगी अर्थव्यवस्था
- 05 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकते हैं अगले 7 साल में
- 2030 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा भारत