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भारत से बातचीत कर वापस लेंगे अपनी जमीन : नेपाल

Fri, 12 Jun 2020 06:37 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 12 Jun 2020 06:37 AM IST
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India nepal latest update, Nepal says, After talking to India, we will return our land
Pm of Nepal, KP Sharma Oli(file photo)

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि उनकी सरकार राजनयिक प्रयासों और ऐतिहासिक तथ्यों, दस्तावेजों के आधार पर वार्ता के जरिये कालापानी मुद्दे को सुलझाएगी। ओली ने बुधवार को संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि हम बातचीत के जरिये भारत के कब्जे वाली जमीन वापस हासिल करेंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत ने कालापानी में काली मंदिर, एक कृत्रिम काली नदी का निर्माण करने के साथ ही सेना तैनात कर नेपाल के इलाके में अतिक्रमण किया है। काली नदी दोनों देशों के बीच सीमा को परिभाषित करती है।

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ओली ने यह दावा दोनों देशों के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच किया है। इससे पहले नेपाल ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने क्षेत्र में दिखाते हुए एक राजनीतिक मानचित्र जारी किया था, इस पर भारत ने सख्त लहजे में नेपाल को किसी भी तरह के कृत्रिम विस्तार से बचने की सलाह दी।
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मालूम हो कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आठ मई को उत्तराखंड के धारचुला को लिपुलेख दर्रे से जोड़ने वाली 80 किलोमीटर लंबी सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क का उद्घाटन करने के बाद से भारत और नेपाल के बीच संबंधों में तनाव आया है। नेपाल ने सड़क के उद्घाटन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि यह सड़क नेपाली क्षेत्र से होकर गुजरती है।
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भारत ने नेपाल के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह सड़क पूरी तरह से उसके क्षेत्र में आती है। ओली ने संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि वैसे तो सुस्ता जैसे अन्य इलाकों को लेकर भी सीमा विवाद है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा है क्योंकि देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी अन्य जगह सेना तैनात करके जमीन नहीं कब्जाई गई। उन्होंने कहा, हमारे पूर्वजों ने बड़े संघर्षो से इस जमीन को पाया और बचाया है। अगर हम अडिग रहे तो ही अपनी क्षेत्रीय अखंडता को कायम रख पाएंगे।

योगी के बयान पर जताई आपत्ति

ओली ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी आपत्ति जताई कि नेपाल को तिब्बत वाली गलती नहीं करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि अगर आदित्यनाथ ने ऐसा कहा है, तो यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा, इस तरह नेपाल को धमकाना उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ऐसा बोलने का अधिकार नहीं है। अगर उन्होंने ऐसा कहा है, तो यह निंदनीय  है।

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