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UN: 'महिला सशक्तिकरण से 2047 तक भारत बनेगा विकसित राष्ट्र', संयुक्त राष्ट्र में बोलीं रुचिरा कंबोज
Wed, 20 Mar 2024 12:21 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:21 PM IST
सार
रुचिरा कंबोज ने कहा कि महिलाओं के लिए एक बहुमुखी रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज
- फोटो : ANI
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने बताया कि देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि किस तरह से समाज में लैंगिक न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। दरअसल भारतीय मिशन ने संयुक्त राष्ट्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें महिलाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। कंबोज ने कहा कि भारत महिला सशक्तिकरण से ही 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा।
भारतीय मिशन ने संयुक्त राष्ट्र में कही ये बात
कार्यक्रम के दौरान भारत की यूएन में स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि महिलाओं के लिए एक बहुमुखी रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल से लैंगिक न्याय, समानता और भारत के सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं की स्थिति पर 68वीं वार्षिक बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक 11 मार्च से 22 मार्च तक चलेगी। इसी बैठक के दौरान भारतीय मिशन ने भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
रुचिरा कंबोज ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। कंबोज ने कहा कि पीएम मोदी का विकसित भारत के लिए विजन है कि उसमें महिलाओं की भी पूरी सहभागिता हो। जी20 की अध्यक्षता के दौरान भी पीएम मोदी ने कहा था कि महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत हो रही है।
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धार्मिक भय की कड़ी निंदा की थी
हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक भय की कड़ी निंदा की थी। भारत की संयुक्त प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि चाहे यहूदी विरोधी भावना हो, ईसाई धर्म विरोधी या इस्लाम विरोधी भावना, भारत सभी के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं और कई जगह मठ-मंदिरों और गुरुद्वारों में हमले हो रहे हैं। इस्लामोफोबिया से निपटने के उपाय पर प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कंबोज ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि भारत सभी धर्मों का सम्मान करता है और पूरे विश्व को परिवार की नजर से देखता है।
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भारतीय मिशन ने संयुक्त राष्ट्र में कही ये बात
कार्यक्रम के दौरान भारत की यूएन में स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि महिलाओं के लिए एक बहुमुखी रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल से लैंगिक न्याय, समानता और भारत के सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं की स्थिति पर 68वीं वार्षिक बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक 11 मार्च से 22 मार्च तक चलेगी। इसी बैठक के दौरान भारतीय मिशन ने भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
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रुचिरा कंबोज ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। कंबोज ने कहा कि पीएम मोदी का विकसित भारत के लिए विजन है कि उसमें महिलाओं की भी पूरी सहभागिता हो। जी20 की अध्यक्षता के दौरान भी पीएम मोदी ने कहा था कि महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत हो रही है।
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#WATCH | At a special event organized by Mission of India on the margins of the Commission on Status of Women today, India's permanent representative to the United Nations Ruchira Kamboj says, "...A multifaceted strategy is being implemented to empower women by addressing their… pic.twitter.com/XEW2bQd1m5
— ANI (@ANI) March 20, 2024
धार्मिक भय की कड़ी निंदा की थी
हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक भय की कड़ी निंदा की थी। भारत की संयुक्त प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि चाहे यहूदी विरोधी भावना हो, ईसाई धर्म विरोधी या इस्लाम विरोधी भावना, भारत सभी के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म विरोधी भावनाएं बढ़ी हैं और कई जगह मठ-मंदिरों और गुरुद्वारों में हमले हो रहे हैं। इस्लामोफोबिया से निपटने के उपाय पर प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कंबोज ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि भारत सभी धर्मों का सम्मान करता है और पूरे विश्व को परिवार की नजर से देखता है।