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मेलोनी-मोदी की डील: दोनों देशों के बीच मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी, इटली के डिजाइन को दुनिया में दिलाएंगे पहचान

Wed, 20 May 2026 05:04 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, रोम।
एएनआई, रोम। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 20 May 2026 05:04 PM IST
सार

पीएम मोदी का इटली दौरा दोनों देशों के संबंधों को अब तक के सबसे ऊंचे शिखर पर ले गई है। 2029 तक 20 बिलियन यूरो व्यापार के लक्ष्य और सुरक्षा से लेकर नवाचार के साझा रोडमैप के साथ, यह विशेष रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और व्यापार की नई दिशा तय करेगी। पीएम मोदी और मेलोनी ने क्या-क्या कहा? खबर में जानिए...

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India Italy Relations pm Modi Giorgia Meloni Joint Statement Revitalisation
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को सर्वोच्च स्तर पर ले जाते हुए 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' में अपग्रेड कर दिया है। रोम में आयोजित इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के दौरान इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। मेलोनी ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद, यानी पूरे 26 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय इटली यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच की दूरी को मिटाकर रिश्तों को एक नई ऊर्जा देगी।
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20 बिलियन यूरो व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मेलोनी ने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्तमान 14 बिलियन यूरो (करीब 1,569.3 अरब रुपये) के द्विपक्षीय व्यापार को साल 2029 तक बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो यानी करीब 2,241.85 अरब रुपये तक पहुंचाना है। यह एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, जिसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते की मदद से हासिल किया जाएगा। मेलोनी ने आगे कहा कि दोनों देशों के आर्थिक और उत्पादक तंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान में भारत के विकास में 400 से अधिक इतालवी कंपनियां सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही, नई दिल्ली में 'इनोवेट इंडिया इनिशिएटिव' के तहत एक विशेष केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो दोनों देशों के स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालयों, उद्यमों और अनुसंधान संस्थानों के बीच आपसी सहयोग और प्रतिभाओं को बढ़ावा देगा।
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डिजाइन, डेवलप और वैश्विक डिलीवरी का नया मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साझेदारी को वैश्विक कल्याण से जोड़ते हुए एक नया और प्रभावशाली विजन पेश किया। पीएम मोदी ने कहा, 'इटली दुनिया भर में अपने बेजोड़ डिजाइन और सटीकता के लिए प्रसिद्ध है। दूसरी तरफ, भारत की पहचान बड़े पैमाने, असीमित प्रतिभा और किफायती नवाचार के पावरहाउस के रूप में है। इसलिए, अब हम डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड' के साझा सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।' पीएम मोदी ने घोषणा की कि 'भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029' इस साझेदारी को एक व्यावहारिक, समयबद्ध और भविष्योन्मुखी ढांचा प्रदान करेगी।

आपसी विश्वास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा
दोनों वैश्विक नेताओं ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में हुई अपनी सात मुलाकातों के बारे में भी बताया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने पीएम मोदी के विजन, व्यावहारिक दृष्टिकोण और उनके नागरिकों के बीच उनकी मजबूत लोकप्रियता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी यह ईमानदारी भरी दोस्ती आपसी सम्मान और भरोसे पर टिकी है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक सुरक्षा के मोर्चे पर इतालवी प्रधानमंत्री ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जहाजों की मुक्त आवाजाही की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

पीएम मोदी ने और क्या-क्या कहा?
पीएम ने रक्षा-सुरक्षा क्षेत्रों में भी साझेदारी का कारण आपसी विश्वास को बताया। उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में करीबी सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है। हमारी सेनाओं के साथ-साथ दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच भी सहयोग बढ़ रहा है।"


प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप से को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मैरीटाइम पावर्स के रूप में भारत और इटली के बीच कनेक्टिविटी के क्षेत्र में करीबी सहयोग स्वाभाविक है। हम मिलकर शिपिंग, बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और अर्थव्यवस्था पर काम करेंगे। भारत और इटली एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। टेरर फाइनेंसिग के खिलाफ हमारी साझा पहल ने पूरे विश्व के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और इटली ने यह संदेश दिया है कि जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा नहीं करतीं, बल्कि उसके वित्तीय नेटवर्क्स को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाती हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों में पिपुल टू पिपुल कनेक्ट अब दिख रहा है। दोनों देशों की भाषा में भी समानता है। संस्कृत और लैटिन एक ही भाषा परिवार से आती हैं। इस तरह हमारा रिश्ता साझी धरोहर का है। अगले साल दोनों देशों के रिश्ते की 80वीं वीं वर्षगांठ को ईयर ऑफ कल्चर के तौर पर मनाया जाएगा। एक खास बात ये है कि यहां बड़ी संख्या में रह रहे भारत के लोग हमारे संबंधों की जीवंत कड़ी हैं। उनकी देखरेख के लिए मैं पीएम मेलोनी और इटली का आभारी हूं। 
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