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चीन को लगेगी मिर्ची: अमेरिका ने माना भारत का लोहा, बताया- क्वाड की प्रेरक शक्ति और क्षेत्रीय विकास का इंजन
Tue, 15 Feb 2022 08:53 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 15 Feb 2022 08:53 AM IST
सार
क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की मेलबर्न में हुई बैठक के बाद अमेरिका द्वारा भारत की तारीफ चीन को परेशान कर सकता है। क्वाड की बैठक के प्रमुख एजेंडों में एक एजेंडा चीन पर नकेल कसना भी है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
विश्व की प्रमुख शक्ति के रूप में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, इस बात को अब अमेरिका भी मानने लगा है। अमेरिका ने माना है कि भारत क्वाड की प्रेरक शक्ति है और क्षेत्रीय विकास का इंजन है। इतना ही नहीं अमेरिका ने भारत को हिंदी-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रमुख सहयोगी भी बताया है। अब अमेरिका द्वारा भारत की तारीफ को सुनकर चीन को एक बार फिर से मिर्ची लगना तय है।
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भारत एक महाशक्ति: व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस के प्रधान उप प्रेस सचिव कैराइन जीन-पियरे ने कहा कि हम मानते हैं कि भारत दक्षिण एशिया और हिंद महासागर में एक समान विचारधारा वाला भागीदार और महाशक्ति है जो कि दक्षिण पूर्व एशिया में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत क्वाड की प्रेरक शक्ति है और क्षेत्रीय विकास एक ताकतवर इंजन है।
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क्वाड बैठक के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तनाव पर भी चर्चा
मेलबर्न की बैठक के बारे में बताते हुए जीन-पियरे ने कहा कि यह यूक्रेन के लिए रूसी खतरे पर चर्चा करने का एक अवसर था। क्वाड देशों ने रूस की आक्रामकता पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि क्वाड भागीदारों के साथ अपनी बैठकों के दौरान सचिव ब्लिंकन ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और हमारे यूरोपीय सहयोगियों का समर्थन करने के लिए हमारी तत्परता के आधार पर रूस के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।
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क्या है क्वाड सम्मेलन
द क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग(QUAD) की शुरुआता वर्ष 2007 में हुई थी। हालांकि इसकी शुरुआत वर्ष 2000-2005 में हो गई थी जब भारत ने दक्षिण पूर्व एशिया के कई देशों में आई सुनामी के बाद मदद का हाथ बढ़ाया था। क्वाड में चार देश अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं। मार्च में कोरोना वायरस को लेकर भी क्वाड की बैठक हुई है। इसमें पहली बार न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और वियतनाम भी शामिल हुए थे।