{"_id":"5dd2496e8ebc3e54b05137b4","slug":"india-delaying-signing-ka-226t-helicopters-deal-says-russian-helicopters-rostec","type":"story","status":"publish","title_hn":"कामोव हेलीकॉप्टर डील में देरी कर रही भारत सरकार, कारण समझ के परे: रूसी निर्माता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कामोव हेलीकॉप्टर डील में देरी कर रही भारत सरकार, कारण समझ के परे: रूसी निर्माता
Mon, 18 Nov 2019 01:04 PM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 18 Nov 2019 01:04 PM IST
विज्ञापन
रूसी कामोव 226टी में सवार होते भारतीय सैनिक
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कामोव हेलीकॉप्टर बनाने वाली रूसी कंपनी ने आरोप लगाया है कि सभी जानकारी प्रदान करने के बावजूद भारत समझौते पर हस्ताक्षर करने में देरी कर रहा है। भारतीय नौसेना की जरुरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने रूस से कामोव नेवल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की 200 यूनिटों के खरीद को लेकर बातचीत कर रही है।
विज्ञापन
आंद्रे बोगिन्स्की ने कहा कि हेलीकॉप्टर के बारे में हमने भारतीय रक्षा मंत्रालय को सभी जरूरी जानकारियां मुहैया कराईं। तब भी भारत की तरफ से हो रही देरी का कारण हमारी समझ से परे है। अगर भारतीय नौसेना के लिए 100 हेलीकॉप्टरों की डील और पिछली डील को साथ जोड़ लिया जाए तो इसमें भारत को ही फायदा होगा।
विज्ञापन
बता दें कि भारत और रूस के बीच एक अरब डॉलर (करीब 7100 करोड़ रुपये) कीमत की इस हेलीकॉप्टर डील पर 2015 में सहमति बन गई थी। भारत को रूस में बने 60 कामोव केए 226-टी हेलीकॉप्टर्स रेडी टू यूज कंडीशन (पहले से बने हुए हालत में) में मिलने थे, जबकि 140 हेलीकॉप्टर ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट के तहत भारत में ही बनने थे।
विज्ञापन