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चीनी नागरिकों पर टिप्पणी करने पर भारतीय छात्र को मांगनी पड़ी माफी, अब विश्वविद्यालय भी करेगा कार्रवाई

Sat, 20 Jun 2020 03:15 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 20 Jun 2020 03:15 PM IST
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India China border Tension: Indian student Kadukkasseri apologizes for cursing China and Chinese People on Social media
सांकेतिक तस्वीर

चीन में एक भारतीय छात्र को चीनी नागरिकों का अपमान करने पर माफी मांगनी पड़ी है। दरअसल, उसने सोशल मीडिया पर की गई अपनी टिप्पणी में चीन और चीनी नागरिकों का अपमान किया था, जिसको लेकर चीन में बवाल हो गया। बढ़ते विवाद को देखते हुए छात्र ने माफी मांग ली। 

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चीनी न्यूज एजेंसी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, काडुकासेरी नाम के छात्र ने मंगलवार को टिक-टॉक के चीनी वर्जन डोयिन पर चीनी नागरिकों और चीन को लेकर आपत्तिजनक कमेंट किए। छात्र ने चीनी नागरिकों के लिए 'चिंक्स' (चीनी मूल के लोगों को चिढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाने वाला शब्द) जैसे शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद भारतीय छात्र के कमेंट के स्क्रीनशॉट चीन के ट्विटर माने जाने वाले एप शीना विबो पर वायरल हो गए। 
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छात्र द्वारा देश के अपमान से नाराज कुछ चीनी लोगों ने काडुकासेरी को अपमान करने वाला व्यक्ति करार दिया और फौरन देश छोड़कर जाने को कहा। पूर्वी चीन के जियांगसू प्रांत में स्थित जियांगसू विश्वविद्यालय (जेएसयू) ने इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय छात्र उनके यहां पढ़ता है। 
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जेएसयू में काम करने वाले वू नाम के एक कर्मचारी ने बताया कि विश्वविद्यालय को छात्र की टिप्पणी के बारे में जानकारी दी गई है और उसने घटना पर करीबी नजर बनाई हुई है। 

वहीं, शुक्रवार को काडुकासेरी ने विबो पर खुद ही एक लिखित बयान पोस्ट किया और अपने नफरत भरे कमेंट्स के लिए माफी मांग ली। उसने कहा कि उसे यह जानकर खेद है कि उसने कई चीनी नागरिकों की भावनाओं को आहत किया और जेएसयू की छवि को धूमिल किया, जिसका प्रभाव अन्य विदेशी छात्रों पर भी पड़ा है। 

उसने कहा कि मेरे इरादे अनजाने और आवेगपूर्ण थे। भारतीय छात्र ने आगे कहा कि वह चीन और चीनी नागरिकों का अपमान नहीं करना चाहता था। उसने आगे दावा किया कि उसने अपने विवादास्पद कमेंट्स को डिलीट कर दिया है और अपने डोयिन अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है। साथ ही छात्र ने वादा किया है कि वह ऐसा दोबारा नहीं करेगा। 


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वास्तव में, छात्र के खिलाफ विबो पर लोगों का गुस्सा तब और उमड़ पड़ा, जब उन्हें पता चला कि काडुकासेरी जेएसयू के टॉप 10 'आउटस्टैंडिंग यूथ अवार्ड' का उम्मीदवार था। एक विबो यूजर ने लिखा कि वह इस पुरस्कार के लायक नहीं है। 

हालांकि, विबो पर इस तरह की प्रतिक्रिया को देखते हुए जेएसयू प्रशासन ने इन दावों को खारिज कर दिया और लोगों को बताया कि वह इस अवार्ड का उम्मीदवार नहीं था। वू ने ग्लोबल टाइम्स को बताया है कि विश्वविद्यालय आगे की जांच के बाद विदेशी छात्रों पर अपने नियमों के अनुसार काडुकासेरी को उसके गलत कामों के लिए दंडित करेगा।

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