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CoP16: 'जैव विविधता एक्शन प्लान लागू करने के लिए चाहिए फंडिंग', भारत की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

Wed, 30 Oct 2024 03:23 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 30 Oct 2024 03:23 PM IST
सार

जैव विविधता पर सम्मेलन (सीबीडी) की शुरुआत साल 1992 में की गई थी, जिसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण करना है। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, सीबीडी के हर सदस्य को राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (एनबीएसएपी) विकसित करने की जरूरत है। 

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India ask international funding to implement national biodiversity action plan at CoP16
केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारत ने राष्ट्रीय जैव विविधता कार्य योजना (एक्शन प्लान) लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से फंडिंग देने की मांग की। कोलंबिया के कैली में 31 अक्तूबर को संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (CoP16) का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में भारत की तरफ से केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह शिरकत करेंगे। मंगलवार को अपने एक बयान में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत जैव विविधता की रक्षा के लिए अपडेट प्लान लागू करेगा और उसे लागू करने के लिए वित्तीय मदद और अन्य तकनीकी मदद की जरूरत होगी। 
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वित्तीय, प्रौद्योगिकी मदद की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना को कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के लक्ष्यों के अनुरूप अपडेट किया है। कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, 'भारत ने राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना के तहत 'संपूर्ण सरकार' और 'संपूर्ण समाज' का दृष्टिकोण अपनाया है। हम कल कैली में अपना अपडेट राष्ट्रीय जैव विविधता एक्शन प्लान जारी करेंगे। सिंह ने कहा कि इसके क्रियान्वयन के लिए वित्तीय संसाधन, प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण की जरूरत होगी।  
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साल 1992 में शुरू हुई थी सीबीडी की शुरुआत
जैव विविधता पर सम्मेलन (सीबीडी) की शुरुआत साल 1992 में की गई थी, जिसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण करना है। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, सीबीडी के हर सदस्य को राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (एनबीएसएपी) विकसित करने की जरूरत है। किसी देश की जैव विविधता संरक्षण रणनीतियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तैयार की जाती हैं। साल 2022 में स्थापित कुनमिंग-मॉन्ट्रियल जीबीएफ ने 2030 तक जैव विविधता के नुकसान को रोकने और पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने, प्रजातियों की रक्षा करने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। 
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दुनिया के 17 बड़े जैव विविधता वाले देशों में से एक भारत भी है, जहां दुनिया के 36 वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त जैव विविधता हॉटस्पॉट में से चार भारत में मौजूद हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीयों की जीवनशैली पर्यावरण अनुकूल है। उन्होंने भारत द्वारा प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों की सुरक्षा के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) की स्थापना के साथ वन्यजीव संरक्षण की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी। 
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