Donald Trump: अमेरिकी सियासत में फिर से उथल-पुथल मचाने के लिए तैयार हुए डोनाल्ड ट्रंप
Donald Trump: ट्रंप के समर्थक सूत्रों ने मीडियाकर्मियों से कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने समय से काफी पहले उम्मीदवारी का एलान इस रणनीति से किया है कि इससे रिपब्लिकन पार्टी में उम्मीदवारी की पूरी बहस उनके इर्द-गिर्द केंद्रित हो जाएगी। इससे इन अटकलों को विराम मिल जाएगा कि हाल के चुनाव में अपने कई खास समर्थकों की हार से उनके हौसले पर खराब असर पड़ा है...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। इससे अमेरिकी राजनीति में फिर उथल-पुथल का दौर शुरू होने की आशंका पैदा हो गई है। बीते एक हफ्ते के दौरान अनुमान लगाया गया था कि 8 नवंबर के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद ट्रंप शायद फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का इरादा छोड़ दें। लेकिन बुधवार को फ्लोरिडा राज्य में स्थित अपने निवास मार-ए-लागो में अमेरिका के राष्ट्रीय झंडों से सजे एक मंच पर चढ़ कर एलान किया- ‘अमेरिका को फिर से महान और गौरवपूर्ण बनाने के लिए मैं आज अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान करता हूं।’
अमेरिका के जाने-माने कारोबारी ट्रंप ने सात साल पहले राजनीति में प्रवेश किया था। तब वे राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की होड़ में उतर गए थे। शुरुआत में उनकी संभावनाएं बेहतर नहीं मानी गई थीं। लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के दिग्गजों को परास्त करते हुए उन्होंने पार्टी की उम्मीदवारी हासिल कर ली। उसके बाद पूरी दुनिया को चौंकाते हुए 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में भी वे विजयी हो गए। इसलिए इस बार उनकी उम्मीदवारी को कोई हलके से नहीं ले रहा है।
ट्रंप के समर्थक सूत्रों ने मीडियाकर्मियों से कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने समय से काफी पहले उम्मीदवारी का एलान इस रणनीति से किया है कि इससे रिपब्लिकन पार्टी में उम्मीदवारी की पूरी बहस उनके इर्द-गिर्द केंद्रित हो जाएगी। इससे इन अटकलों को विराम मिल जाएगा कि हाल के चुनाव में अपने कई खास समर्थकों की हार से उनके हौसले पर खराब असर पड़ा है।
ट्रंप ने यह स्वीकार किया है कि मिडटर्म चुनावों में नतीजे उनकी पार्टी के लिए कुछ हद तक निराशानजक रहे। मगर साथ ही दो राज्यों में विजयी रिपब्लिकन पार्टी के गवर्नरों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिनके बारे में अनुमान है कि वे राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की होड़ में उतर सकते हैं। ट्रंप का खास निशाना फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसैंटिस हैं, लेकिन उनकी निगाहें वर्जिनिया राज्य के गवर्नर ग्लेन यंगकिन पर भी टिकी हैं।
ट्रंप ने कहा है- ‘मैंने उन दोनों का समर्थन किया। उनके लिए बड़ी रैली को संबोधित किया, जिससे उन्हें मागा (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) समर्थक वोट मिले। वरना वे जीत के करीब भी नहीं पहुंच पाते।’ डिसैंटिस के समर्थकों ने कहा है कि फ्लोरिडा के गवर्नर ट्रंप की आलोचना से बचना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने ट्रंप के दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई है।
अब पर्यवेक्षकों की नजर इस पर टिकी है कि क्या डिसैंटिस या रिपब्लिकन पार्टी का कोई अन्य नेता ट्रंप को चुनौती देने का साहस जुटाता है। ट्रंप समर्थकों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति को मुख्य चिंता इस बात की है कि पिछले विवादों के कारण बहुत से कॉरपोरेट उन्हें चंदा देने से हिचकेंगे। इसलिए ट्रंप उम्मीदवारी पाने तक अपनी जेब से खर्च करने के लिए तैयार हैं। क्योंकि ट्रंप खुद बेहद धनी परिवार से आते हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक ट्रंप की अधिक बड़ी चिंता उनके लिए बढ़ रही कानूनी चुनौतियां हैं। व्हाइट हाउस से कथित तौर पर गोपनीय दस्तावेज अपने साथ ले जाने और छह जनवरी 2021 को उनके समर्थकों के कैपिटॉल हिल (संसद भवन) पर हुए हमले के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। अगर इनमें उन्हें सजा हुई, तो फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की उनकी मंशा पर पानी फिर सकता है।