अब जो बेलारूस ने किया, वह पहले ऑस्ट्रिया ने किया था! तब अमेरिका ने किया था समर्थन
ग्रीनवाल्ड ने सोमवार को अपने ब्लॉग में लिखा कि 2013 में ऑस्ट्रिया के अधिकारियों ने इस शक में बोलिविया के वामपंथी राष्ट्रपति इवो मोरालेस के विमान को जबरन वियना हवाई अड्डे पर उतार लिया था कि उसमें एडवर्ड स्नोडेन मौजूद हैं। स्नोडेन अब रूस में रहते हैं, जहां रूस सरकार ने उन्हें पनाह दी हुई है...
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ग्रीस से लिथुआनिया जा रहे रेनायर एयरलाइन्स के विमान को जबरन अपने यहां उतारने के बचाव में बेलारूस ने जो दलीलें दी हैं, उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्वीकार नहीं किया है। यहां तक कि चीन के सरकार समर्थक अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भी कुछ अगर-मगर के साथ ये कहा है कि अगर घटनाक्रम को जिस रूप में बताया गया है, वही सच है, तो फिर बेलारूस के इस व्यवहार को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में यह भी कहा है कि बेलारूस जो कह रहा है, उसे भी सुना जाना चाहिए और किसी नतीजे पर पहुंचने के पहले पूरी जांच करवा कर सच तक पहुंचना चाहिए।
लेकिन इस बीच मशहूर पत्रकार ग्लेन ग्रीनवाल्ड ने आठ साल पहले हुई एक घटना का ब्योरा फिर से दुनिया के सामने ला कर अमेरिका और पश्चिमी देशों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रीनवाल्ड पहले ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में काम करते थे। वहीं रहते हुए उन्होंने पहले जूलियन असांज के साथ मिल कर विकीलिक्स खुलासे से सामने आए तथ्यों को प्रकाशित किया था। फिर जब एडवर्ड स्नोडेन ने खुलासा किया, तो उससे सामने आई जानकारियों को उन्होंने छापा। स्नोडेन ने खुलासा किया था कि किस तरह तमाम अमेरिकी टेक कंपनियां दुनियाभर से अपने यूजर्स के जुटाए डाटा को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को सौंप देती हैं। ग्रीनवाल्ड ने बाद में द इंटरसेप्ट वेबसाइट की स्थापना की। अब उससे भी अलग होकर वे स्वतंत्र रूप से काम करते हैं।
ग्रीनवाल्ड ने सोमवार को अपने ब्लॉग में लिखा कि 2013 में ऑस्ट्रिया के अधिकारियों ने इस शक में बोलिविया के वामपंथी राष्ट्रपति इवो मोरालेस के विमान को जबरन वियना हवाई अड्डे पर उतार लिया था कि उसमें एडवर्ड स्नोडेन मौजूद हैं। स्नोडेन अब रूस में रहते हैं, जहां रूस सरकार ने उन्हें पनाह दी हुई है। मोरालेस रूस से बोलिविया लौट रहे थे। पश्चिमी देशों को शक था कि वे अपने साथ स्नोडेन को भी ले जा रहे हैं।
ग्रीनवाल्ड ने लिखा है कि बेलारूस में विमान का उतरना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। लेकिन यही काम आठ साल पहले ऑस्ट्रिया ने किया था। तब अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने ऑस्ट्रिया का समर्थन किया था। बल्कि तब आरोप यह लगा था कि अमेरिका के कहने पर ऑस्ट्रिया ने अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ काम किया। स्नोडेन खुलासा करने के बाद हांगकांग चले गए थे। वहां वे छिप कर रह रहे थे। ग्रीनवाल्ड ने वहीं जाकर उनसे बातचीत से की थी। स्नोडेन आज भी अमेरिका के मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में हैं।
ग्रीनवाल्ड का ताजा लेख सामने आने के बाद सोमवार को इससे संबंधित सवाल व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी से भी पूछा गया। इस पर साकी ने कहा कि दोनों घटनाओं में कोई समानता नहीं है। इससे ज्यादा उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने से इनकार किया। इसके बदले उन्होंने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको पर अपना निशाना साधे रखा। उन्होंने गिरफ्तार ब्लॉगर प्रोस्तासेविच की तुरंत रिहाई की मांग की।
साकी ने बताया कि अमेरिका उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देशों और दूसरे सहयोगियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। इस मामले में बेलारूस के खिलाफ साझा कदम उठाए जाएंगे। इस बीच यूरोपियन यूनियन ने बेलारूस में प्रस्तावित निवेश के सौदों पर रोक लगाने का एलान किया है। साथ ही उसने सदस्य देशों की एयरलाइन्स से कहा है कि वे बेलारूस के लिए अपने विमानों की आवाजाही को रोकने की दिशा में कदम उठाएं। लिथुआनिया की एयरलाइन ऐसा एलान पहले ही कर चुकी है। लेकिन इसी बीच ग्लेन ग्रीनवाल्ड ने पुरानी घटना की याद ताजा कर पश्चिमी देशों के विरोधियों को एक धारदार हथियार जरूर सौंप दिया है।