CPI-2020 की रिपोर्ट इमरान खान के लिए बनी मुसीबत, भ्रष्टाचार में चार कदम आगे पहुंचा पाकिस्तान, जानिए बाकी देशों का हाल
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की भ्रष्टाचार से जुड़ी एक ताजा रिपोर्ट पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए मुसीबन बन गई है। करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI 2020) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 180 देशों की रैंकिंग में पाकिस्तान 124वें पायदान पर पहुंच गया है। कर्ज में डूबे पाकिस्तान की भ्रष्टाचार के मामले में स्थिति पहले से भी बदहाल हो गई है। इस रिपोर्ट के आने के बाद पाकिस्तान में विपक्ष एकजुट होकर इमरान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।आइए बताते हैं कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की 180 देशों की सूची में पाकिस्तान के अलावा भारत और उसके पड़ोसी देशों क्या स्थिति है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल भ्रष्टाचार सूचकांक- 2020 में भारत 86वें पायदान पर है। वहीं भारत का पड़ोसी देश चीन 78वें स्थान पर है। चीन भारत से नौ पायदान ऊपर है। भ्रष्टाचार को रोकने के मामले में चीन सरकार भारत से आगे है। भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और बांग्लादेश की स्थिति काफी गंभीर है। इस तालिका में पाकिस्तान 124वें और बांग्लादेश 146वें पायदान पर हैं। हर मौके पर भारत से तुलना करने वाला पाकिस्तान भ्रष्टाचार के मामले भारत से बहुत आगे है।भारत अपने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और बांग्लादेश से अच्छी स्थिति में है।
विपक्ष ने चौतरफा इमरान को घेरा
पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के खात्मे का वादा करके सत्ता में आए इमरान खान पर विपक्ष ने जोरदार हमला बोला है। विपक्षी दलों ने कहा कि पाकिस्तान वर्ष 2020 और वर्ष 2019 में 120 वें स्थान पर था और अब यह 124वें स्थान पर पहुंच गया है। यही नहीं वर्ष 2018 से तुलना करें, तो इमरान का नया पाकिस्तान 7 पायदान नीचे चला गया है। बिलावल भुट्टों की पार्टी पीपीपी की नेता शेरी रहमान ने इमरान खान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इमरान खान भ्रष्टाचार के खात्मे का दावा करते हैं, लेकिन उनका हर एक दावा झूठा है।
इमरान के कामकाज पर उठे सवाल
शेरी रहमान ने इमरान सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इमरान के कार्यकाल में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है। उनके कार्यकाल में पाकिस्तान ग्लोबल करप्शन इंडेक्स में लगातार नीचे जा रहा है। रहमान ने कहा कि इमरान जब से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से देश भ्रष्टाचार के मामले में नीचे आ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूद सरका को पूरा ध्यान राजनीतिक विरोधियों के दमन पर टिकी है। उनकी दिलचस्पी देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकने में कतई नहीं है। शेरी रहमान ने कहा कि इमरान को अब सत्ता में रहने का नैतिक हक नहीं है।
बता दें किअंतरराष्ट्रीय संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल हर साल करीब 180 देशों में भ्रष्टाचार से संबंधित इंडेक्स तैयार करती है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने इस बार के मापदंडों में कोविड-19 महामारी से निपटने के दौरान हुए भ्रष्टाचार पर विशेष जोर दिया। संस्था की चेयरपर्सन डेलिया फरेरिया रूबियो ने कहा कि कोराना वायरस सिर्फ स्वास्थ्य और आर्थिक संकट नहीं है। यह भ्रष्टाचार संकट भी है, जिससे हम फिलहाल निपटने में असफल साबित हो रहे हैं।