{"_id":"612acefe8ebc3e79f250f09a","slug":"human-rights-abuses-increased-on-minority-amd-women-in-afghanistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपोर्ट: अल्पसंख्यक समुदाय पर बर्बरता कर रहा तालिबान, महिलाओं पर भी हो रहा जुल्म","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
रिपोर्ट: अल्पसंख्यक समुदाय पर बर्बरता कर रहा तालिबान, महिलाओं पर भी हो रहा जुल्म
Sun, 29 Aug 2021 05:34 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला रिसर्च टीम, काबुल।
अमर उजाला रिसर्च टीम, काबुल।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 29 Aug 2021 05:34 AM IST
सार
- तालिबान कर रहा मनमानी इसके कारण महिलाओं, अल्पसंख्यकों और बच्चों को बुरा बर्ताव झेलना पड़ रहा है।
- अल्पसंख्यक हजारा समुदाय के लोग मारे जा रहे
विज्ञापन
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान के बंदूकधारी लड़ाके।
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपनी नई छवि दिखाने की कवायद कर रहा तालिबान असल में पुरानी बर्बरता पर उतर आया है। 15 अगस्त को आतंकी संगठन के काबुल पर कब्जे के बाद से अफगानिस्तान में मानवाधिकार हनन की घटनाएं बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र को सौंपी गई दो रिपोर्टों में लोगों पर आतंकी समूह द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का खुलासा किया गया है।
विज्ञापन
अपनी रिपोर्ट में वैश्विक अधिकार व सुरक्षा मंच (आईएफएफआरएएस) ने कहा है, मानवाधिकारों का सम्मान करने के वादे के उलट तालिबान मनमानी पर उतर आया है। महिलाओं, अल्पसंख्यकों और बच्चों को बुरा बर्ताव झेलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
आईएफएफआरएएस के मुताबिक, सत्ता हाथ में लेते ही आतंकी संगठन ने सरकारी अधिकारियों को माफी और महिलाओं के बुनियादी हक बरकरार रखने का एलान किया था। लेकिन महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। अल्पसंख्यक हजारा समुदाय के लोग मारे जा रहे।
विज्ञापन
मानवाधिकार निगरानी संस्था (एचआरडब्ल्यू) का कहना है, अफगानिस्तान में महिला अधिकारों का हनन करने वालों को सजा की बात महज छलावा लग रही है। महिलाओं को कानूनी संरक्षण देने वाले कानून तालिबान के आते ही निष्प्रभावी होने लगे हैं।
संस्था की एशिया क्षेत्र की सहयोगी निदेशक पैट्रीशिया गॉसमैन का कहना है, एक ओर तालिबानी नेतृत्व नागरिक समाज को सुरक्षा देने का दावा कर रहा है तो दूसरी ओर उसके लड़ाके लोगों को चुन-चुनकर मारने लगे हैं। लिहाजा, तालिबान के खिलाफ जिन अफगानियों ने देशों की मदद की है, उन्हें इन लोगों को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकालना चाहिए।