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ट्रंप को विदेश मामलों की समिति का जवाब, हाफिज पाक में खुलेआम घूम रहा था, ढूंढा नहीं गया

Thu, 18 Jul 2019 10:35 AM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 18 Jul 2019 10:35 AM IST
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House Foreign Affairs Committee replied on Trump Tweet, says Hafiz was living freely in Pakistan
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Instagram

डोनाल्ड ट्रंप को वैश्विक आतंकी और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज मोहम्मद सईद को लेकर ट्वीट करना भारी पड़ गया। अमेरिकी विदेश मामलों की समिति ने ट्रंप के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘पाकिस्तान 10 साल से खोज नहीं कर रहा था। वह देश में आजादी से रह रहा था। उसे कई बार गिरफ्तार किया और छोड़ भी दिया। सईद को दिंसबर 2001, मई 2002, अक्टूबर 2002, अगस्त 2006 (दो बार), दिसंबर 2008, सितंबर 2009 और जनवरी 2009 में गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया गया था।’

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ज्ञात हो कि डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर सईद की गिरफ्तारी पर लिखा, '10 साल की तलाश के बाद, पाकिस्तान में मुंबई आतंकवादी हमलों के तथाकथित "मास्टरमाइंड" को गिरफ्तार किया गया है। उसे खोजने के लिए पिछले दो सालों में बड़ा दबाव डाला गया है।'
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इमरान की अमेरिका यात्रा से पहले गिरफ्तारी

बुधवार को मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा (जेयूडी) सरगना हाफिज सईद को आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि सईद आतंकवाद रोधी अदालत में पेश होने के लिए लाहौर से गुजरांवाला आया था तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ कई मामले लंबित हैं। बताया जा रहा है कि उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। 

सईद के नेतृत्व वाला जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का ही संगठन है जो 2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार है। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। 

अमेरिका के वित्त विभाग ने सईद को आतंकवादी सूची में डाल रखा है और अमेरिका ने 2012 से ही सईद को सजा दिलाने के लिए सूचना देने के वास्ते एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में पाकिस्तानी अधिकारियों ने जेयूडी और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों और आतंकवाद के वित्त पोषण के वास्ते निधि जुटाने के लिए ट्रस्टों के इस्तेमाल के मामलों की जांच शुरू की है।

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