G20: कनाडाई PM ट्रूडो पर भड़क उठे चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, दे डाली सही से बात करने की चेतावनी, देखें वीडियो
इंडोनेशिया के बाली में G-20 शिखर बैठक के दौरान मिले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हॉट-टॉक का वाकया सामने आया है। दरअसल, इस हैरान कर देने वाली घटना का वीडियो भी सामने आया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंडोनेशिया के बाली में G-20 शिखर बैठक के दौरान मिले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हॉट-टॉक का वाकया सामने आया है। दरअसल, इस हैरान कर देने वाली घटना का वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, दोनों वैश्विक नेताओं के बीच 15 नंवबर को मुलाकात हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच हुई वार्ता की डिटेल मीडिया में आने को लेकर जिनपिंग भड़क गए। बाद में एक सत्र के दौरान जस्टिन ट्रूडो से सामना होते ही चीनी राष्ट्रपति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह इस तरह बात करने का कोई तरीका नहीं होता कि सारी बातों की जानकारी मीडिया को दे दी जाए।
The Cdn Pool cam captured a tough talk between Chinese President Xi & PM Trudeau at the G20 today. In it, Xi express his displeasure that everything discussed yesterday “has been leaked to the paper(s), that’s not appropriate… & that’s not the way the conversation was conducted” pic.twitter.com/Hres3vwf4Q
— Annie Bergeron-Oliver (@AnnieClaireBO) November 16, 2022विज्ञापन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा कि दोनों के बीच की बातचीत की डिटेल कनाडाई पीएम के ऑफिस ने मीडिया को सौंप दी। ये ठीक नहीं है। जिनपिंग ने आगे कहा कि जिस तरह से बातचीत हुई ये भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि आप अगर सिंसियर हैं तो आपको सम्मानजनक से बात करनी चाहिए। इस दौरान जिनपिंग ने कनाडाई पीएम को अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। वहीं, जिनपिंग की ये बातें सुन रहे जस्टिन ट्रूडो दुभाषिए का ही इंतजार करते रह गए।
गौरतलब है कि इससे पहले 15 नवम्बर को दोनों वैश्विक नेताओं के बीच मुलाकात हुई थी। इस दौरान ट्रूडो ने जिनपिंग से साफ कहा था कि चीन पर कनाडा की राजनीति में दखल देने के गंभीर आरोप हैं। ये ठीक नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले कनाडा में 2019 के चुनावों में चीनी दखल के आरोप लगे थे।