हांगकांग मामले पर कैरी लैम ने कहा, दम तोड़ चुका है हांगकांग का प्रत्यर्पण बिल
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हांगकांग की नेता कैरी लैम ने हांगकांग के प्रत्यर्पण प्रस्ताव को विवादित और अनुपयोगी बताते हुए कहा है कि अब उसका अंत हो चुका है। इस बिल के तहत हांगकांग के किसी अभियुक्त को मुकदमे का सामना करने के लिए चीन प्रत्यर्पित किया जा सकता था।
मंगलवार को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बिल को लेकर सरकार पूरी तरह से विफल रही है। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि बिल को पूरी तरह से वापस लिया गया है या नहीं। दूसरी ओर बिल वापसी की मांग कर रहे प्रदर्शकारियों ने कहा है कि वो आगे भी प्रदर्शन और रैलियां जारी रखेंगे।
इस बिल की वजह से हांगकांग में पिछले कई हफ्तों से हंगामा चल रहा था और सरकार ने विरोध को देखते हुए पहले ही इसे अनिश्चित समय के लिए निलंबित कर दिया था।
लैम ने कहा कि सरकार की ईमानदारी को लेकर अभी भी संदेह है और इस बात की चिंता भी है कि सरकार विधायक परिषद में प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी या नहीं। इससे पहले लैम ने कहा था कि यह बिल साल 2020 में समाप्त हो जाएगा, जब मौजूदा सत्र समाप्त होगा।
सिविल ह्यूमन राइट्स फ्रंट का कहना है कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक की हांगकांग की सरकार उनकी पांच सूत्रीय मांग नहीं मान लेती।
क्या है प्रत्यर्पण कानून
प्रत्यर्पण कानून को लेकर हांगकांग में लंबे वक्त से प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रस्तावित कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति अपराध करके हांगकांग भाग जाता है तो उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेजा जाएगा।
हांगकांग की सरकार ने फरवरी के महीने में मौजूदा प्रत्यर्पण कानून में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था। ताइवान का एक व्यक्ति अपनी प्रेमिका की कथित तौर पर हत्या कर हांगकांग आ गया था। इसके बाद ही इस कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था।
हांगकांग क्या है
हांगकांग चीन का एक स्वायत्त द्वीप है और चीन इसे अपने संप्रभु राज्य का हिस्सा मानता है। हांगकांग का ताइवान के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है, इस वजह से हत्या के मुकदमे के लिए उस शख्स को ताइवान भेजना मुश्किल है। हांगकांग में अंग्रेजों के समय का कॉमन लॉ सिस्टम है और इसका एक दर्जन से अधिक देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर भी शामिल हैं।