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Hong Kong: निर्वासन में रह रहे छह लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं के पासपोर्ट रद्द, सरकार की चेतावनी- अगर कोई...

Wed, 12 Jun 2024 11:31 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, विक्टोरिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, विक्टोरिया Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 12 Jun 2024 11:31 AM IST
सार

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि ये कानूनविहीन वांछित अपराधी यूनाइटेड किंगडम में छिपे हुए हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में शामिल हैं। 

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Hong Kong cancels passports of six pro-democracy activists living in exile
हॉन्गकॉन्ग - फोटो : एएनआई

विस्तार

हॉन्गकॉन्ग ने अपने नए बनाए गए घरेलू सुरक्षा कानून के तहत विदेश में निर्वासन में रह रहे छह लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं के पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हॉन्गकॉन्ग सरकार ने उन्हें कानूनविहीन वांछित अपराधी कहा है।

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यहां की सरकार ने कहा कि पासपोर्ट रद्द करने के अलावा, इन लोगों को हॉन्गकॉन्ग में किसी भी व्यापारिक लेनदेन करने से रोक दिया गया है, जिसमें नकदी से लेकर सोने तक के वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। 
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एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि ये कानूनविहीन वांछित अपराधी यूनाइटेड किंगडम में छिपे हुए हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा, 'वे हॉन्गकॉन्ग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र को बदनाम करने के लिए भयावह टिप्पणियां करते हैं। इसके अलावा, वे अपने बुरे कामों को बचाने के लिए बाहरी ताकतों के साथ सांठगांठ करते हैं। इसलिए हमने उन्हें झटका देने के लिए ऐसा कदम उठाया है।'
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इन लोगों के पासपोर्ट रद्द
एक रिपोर्ट के अनुसार, हॉन्गकॉन्ग में राष्ट्रीय सुरक्षा अपराधों के आरोपी और पुलिस द्वारा वांछित छह लोगों में पूर्व विधायक नाथन लॉ, कार्यकर्ता फिन लाउ, श्रम अधिकार कार्यकर्ता क्रिस्टोफर मुंग, फॉक का-ची और चोई मिंग-दा के साथ-साथ ब्रिटेन के वाणिज्य दूतावास के कर्मचारी साइमन चेंग भी शामिल हैं, जिन्हें अगस्त 2019 में चीन में 15 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया था।

अगर की मदद तो होगी जेल की सजा
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने हॉन्गकॉन्ग के लोगों को यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई भी शख्स इन लोगों की वित्तीय सहायता करता है या इनके साथ किसी भी प्रकार का व्यापारिक लेन-देन करता है तो उसे अपराधी माना जाएगा। इसके लिए करीब सात साल जेल की सजा हो सकती है। 


देश छोड़ने के लिए मजबूर
गौरतलब है, ब्रिटेन ने 1997 में हॉन्गकॉन्ग को चीन को वापस सौंप दिया था। उस समय बीजिंग ने 50 वर्षों तक शहर की पश्चिमी शैली की नागरिक स्वतंत्रता को बनाए रखने का वादा किया था। हालांकि, 2020 के कानून की शुरुआत के बाद से हॉन्गकॉन्ग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विधानसभा को गंभीर रूप से सीमित कर दिया। इसके अलावा कानून के नाम पर कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, उन्हें चुप करा दिया गया या फिर देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। 

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