फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   History created in space, first time only women spacewalk during change battery charger

अंतरिक्ष में रचा गया इतिहास... पहली बार सिर्फ महिलाओं ने की चहलकदमी

Sat, 19 Oct 2019 05:50 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: देव कश्यप Updated Sat, 19 Oct 2019 05:50 AM IST
विज्ञापन
History created in space, first time only women spacewalk during change battery charger
Astronauts Christina Koch and Jessica Meir - फोटो : Twitter

अंतरिक्ष में पहली बार सिर्फ महिलाओं ने चहलकदमी कर नया इतिहास रच दिया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब बिना किसी पुरुष अंतरिक्ष यात्री के दो महिला अंतरिक्ष यात्रियों की जोड़ी ने स्पेसवॉक किया है।

विज्ञापन


अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर स्पेसवॉक करने वाली पहली महिला जोड़ीदार बन गई हैं। इस ऐतिहासिक वाकये को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर उस वक्त अंजाम दिया गया, जब क्रिस्टीना और जेसिका टूटे हुए बैटरी चार्जर को बदलने के लिए स्टेशन से बाहर अंतरिक्ष में चहलकदमी करती नजर आईं।
विज्ञापन


यह मिशन वैसे तो इस साल मार्च में शुरू होने वाला था, मगर नासा के पास सिर्फ एक ही मध्यम साइज का सूट था। दरअसल नासा के पास अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जो कपड़े थे, उनमें सिर्फ महिला-पुरुष जोड़ीदार की साइज वाले ही कपडे़ थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


421वें स्पेसवॉक ने बनाया इतिहास

अभी तक अंतरिक्ष में 420 स्पेसवॉक हुए, जिसमें हर बार पुरुष किसी न किसी रूप में शामिल रहे हैं। मगर, 421वें स्पेसवॉक में यह इतिहास रचा गया, जब सिर्फ महिलाओं ने यह इबारत लिखी। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद सभी चार पुरुष भीतर ही रहे और जबकि क्रिस्टीना और जेसिका बैटरी चार्जर बदलने के लिए अंतरिक्ष में चहलकदमी करती नजर आईं। बैटरी चार्जर उस वक्त खराब हो गया था, जब एक पुरुष सदस्य ने पिछले हफ्ते स्टेशन के बाहर नई बैटरियां लगाईं थीं। अभी तक अंतरिक्ष में 15 महिलाओं ने किसी ने किसी पुरुष साथी के साथ स्पेसवॉक किया है।

सूर्य की सीधी रोशनी नहीं मिलने पर बैटरियों की जरूरत

अंतरिक्ष स्टेशन वैसे तो सौर ऊर्जा से संचालित होता है। मगर, जब इसे सूर्य की सीधी रोशनी नहीं मिल पाती है तो इसे बैटरियों की जरूरत होती है। ऐसे में अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने वाले यात्री बैटरियों को नियंत्रित करते हैं।
 



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed