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Global Power-Sharing: ‘वैश्विक सत्ता में जगह पाने के लिए राजनीति में हिस्सा लें’, हिंदुओं से बोले विज्ञानानंद

Mon, 02 Oct 2023 12:56 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 02 Oct 2023 12:56 PM IST
सार

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से स्नातक विज्ञानानंद ने कहा कि आधुनिक दुनिया में हिंदू केवल भांगड़ा, डांडिया और प्राणायाम के माध्यम से अपनी पहचान नहीं बना सकते।

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Hindus must participate in political to have space in global power-sharing structure: Swami Vigyananand
Swami Vigyananand - फोटो : social media

विस्तार

बैंकॉक में समुदाय की एक वैश्विक बैठक होनी है। इससे पहले एक हिंदू धार्मिक नेता स्वामी विज्ञानानंद ने हिंदुओं को वैश्विक सत्ता में जगह पाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सत्ता में जगह पाने के लिए हिंदुओं को राजनीति में भाग लेना चाहिए।

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बता दें, स्वामी विज्ञानानंद ‘वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन’ के संस्थापक एवं वैश्विक अध्यक्ष हैं। यह संगठन चार साल में एक बार विश्व हिंदू कांग्रेस का आयोजन करता है। 

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सिर्फ भांगड़ा से नहीं बना सकते पहचान

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से स्नातक विज्ञानानंद ने कहा कि आधुनिक दुनिया में हिंदू केवल भांगड़ा, डांडिया और प्राणायाम के माध्यम से अपनी पहचान नहीं बना सकते। उन्होंने कहा कि वह इन सभी चीजों का सम्मान करते हैं, लेकिन सत्ता साझा करने के लिए हिंदुओं को अपनी मूल शक्ति पर ध्यान केंद्रित करने और रणनीति बनाने की जरूरत है। इस दिशा में अब तक ज्यादा प्रयास नहीं किए गए हैं।

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वैश्विक जनसंख्या का छठा हिस्सा 

भारतीय धार्मिक नेता ने कहा, ‘हिंदुओं की आबादी वैश्विक जनसंख्या का छठा हिस्सा है। हम कई देशों में सबसे अमीर लोग हैं और हम शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में भी बहुत सफल हैं। लेकिन वास्तविक सत्ता में हमारी भूमिका नहीं हैं।’

असली सत्ता के खेल में 27 मायने

उन्होंने कहा कि हिंदुओं को राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने की आवश्यकता है। वह किसी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उदाहरण से समझा जा सकता है। कनाडा में हिंदुओं की संख्या खालिस्तानियों से कहीं ज्यादा है। फिर भी संसद में केवल चार हिंदू सदस्य हैं, जबकि वे 27 हैं। उन्होंने कहा कि असली सत्ता के खेल में 27 मायने रखते हैं, चार नहीं। यही वैश्विक हिंदू समुदाय को समझाने की कोशिश की जा रही है।

बैंकॉक में 24 से 26 नवंबर तक होने वाले अगले सत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में विश्व हिंदू कांग्रेस का यही फोकस और प्रयास है।

विश्व हिंदू कांग्रेस में पहुंचेंगे कई देशों के लोग

गौरतलब है, स्वामी विज्ञानानंद एक दशक से अधिक समय से विश्व हिंदू कांग्रेस के माध्यम से दुनियाभर के हिंदुओं को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में विश्व हिंदू कांग्रेस के तीसरे संस्करण में 60 से अधिक देशों के हजारों हिंदू शामिल होंगे। आखिरी विश्व हिंदू कांग्रेस 2018 में शिकागो में आयोजित की गई थी।

 

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