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तालिबान राज: हिंदू और सिखों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया, भारत पहली पसंद
Sat, 21 Aug 2021 01:26 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, काबुल।
एजेंसी, काबुल।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 21 Aug 2021 01:26 AM IST
सार
लिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से अब तक कम से कम 285 सिख और हिंदुओं ने गुरुद्वारे में शरण ली है। इनमें से ज्यादातर के पास वैध दस्तावेज हैं और ये लोग काबुल, जलालाबाद और गजनी के रहने वाले हैं।
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : social media
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विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान राज आते ही यहां के अल्पसंख्यक अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। इन लोगों की मदद करने के लिए हर संभव कदम भी उठाए जा रहे हैं।
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काबुल के रहने वाले स्थानीय सिखों का कहना है कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने अफगानिस्तान के करता-परवान में गुरुद्वारा सिंह सभा से करीब 60 हिंदुओं और सिखों को सुरक्षित स्थान पर भेजा है।
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इनमें से कई सिखों ने कहा है कि वे कनाडा या अमेरिका में भेजे जाने के बजाय भारत जाना पसंद करेंगे, क्योंकि वहां पर स्थिति ज्यादा बेहतर हैं।
सूत्रों के अनुसार, अफगान संसद में सिख समुदाय के दो सदस्यों अनारकली कौर होनारयार और नरेंद्र सिंह खालसा उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें काबुल में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। नरेंद्र खालसा अफगान सिख नेता अवतार सिंह खालसा के बेटे हैं, जिनकी 2018 में जलालाबाद आतंकी हमले में हत्या हो गई थी।
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बता दें, तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से अब तक कम से कम 285 सिख और हिंदुओं ने गुरुद्वारे में शरण ली है। इनमें से ज्यादातर के पास वैध दस्तावेज हैं और ये लोग काबुल, जलालाबाद और गजनी के रहने वाले हैं। मंगलवार को कुछ अफगान सिखों ने वीडियो जारी कर अमेरिका और कनाडा से मदद मांगी थी। इनमें से कुछ भारत में ही जाना चाहते हैं।