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Hantavirus: हंतावायरस से अब तक तीन लोगों की मौत, WHO ने आठ केस होने की पुष्टि की
Thu, 07 May 2026 07:31 PM IST
Rahul Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा।
Published by: Rahul Kumar
Updated Thu, 07 May 2026 07:31 PM IST
सार
अर्जेंटीना से रवाना हुए क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर हंतावायरस संक्रमण मिलने के बाद कई देशों में अलर्ट जारी किया गया है। अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई यात्री निगरानी में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोविड जैसी महामारी का खतरा नहीं है, लेकिन वायरस के फैलाव को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और निगरानी तेज
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वायरस
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
दुनिया एक बार फिर एक खतरनाक वायरस को लेकर सतर्क हो गई है। अर्जेंटीना से रवाना हुए क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद कई देशों में हड़कंप मच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पुष्टि की है कि जहाज से जुड़े पांच लोगों में संक्रमण मिला है। अब अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड समेत कई देशों में यात्रियों की निगरानी की जा रही है। इस वायरस से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई लोग इसकी तुलना कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर से करने लगे हैं। बता दें, डब्ल्यूएचओ ने अब तक कुल आठ मामले दर्ज किए है।
जहाज पर आखिर क्या हुआ था?
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब 70 साल के एक डच यात्री की जहाज पर अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द और दस्त की शिकायत हुई। 11 अप्रैल को उसकी जहाज पर ही मौत हो गई। बाद में एक डच महिला और एक जर्मन नागरिक की भी मौत हो गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह संक्रमण एंडीज स्ट्रेन वाले हंतावायरस से जुड़ा है। यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरस माना जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि डच दंपति जहाज पर चढ़ने से पहले अर्जेंटीना में संक्रमित हुए होंगे। दोनों अर्जेंटीना, चिली और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग यात्रा पर गए थे। वहां उन जगहों पर भी गए थे जहां वायरस फैलाने वाले चूहे पाए जाते हैं।
ये भी पढ़ें- दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा, रिश्वत लेन देन में ठहराए गए दोषी, देश के रक्षा मंत्री रहे
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किन देशों में यात्रियों की निगरानी हो रही है?
क्रूज जहाज के यात्री अलग-अलग देशों में पहुंच चुके हैं, जिसके बाद कई देशों ने निगरानी शुरू कर दी है। नीदरलैंड में तीन लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें एक ब्रिटिश नागरिक, एक 65 वर्षीय जर्मन और एक डच क्रू सदस्य शामिल हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। दक्षिण अफ्रीका में एक ब्रिटिश यात्री आईसीयू में भर्ती है। स्विट्जरलैंड में भी एक संक्रमित यात्री का इलाज ज्यूरिख में चल रहा है। ब्रिटेन में दो लोग घर में अलग रह रहे हैं और पांच अन्य यात्रियों की निगरानी की जा रही है। अमेरिका में जॉर्जिया और एरिजोना में तीन लोगों पर नजर रखी जा रही है। वहीं सिंगापुर में दो बुजुर्ग पुरुष खुद को अलग रखकर जांच करा रहे हैं। इनमें से एक को हल्की सर्दी है जबकि दूसरा बिना लक्षण के है।
क्या कोविड जैसी महामारी का खतरा?
हंतावायरस के मामले सामने आने के बाद दुनिया में डर बढ़ गया है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साफ कहा है कि कोविड जैसी बड़ी महामारी की आशंका फिलहाल नहीं है। संगठन ने कहा कि अभी तक वायरस के तेजी से फैलने के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एंडीज स्ट्रेन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। यही कारण है कि सभी देशों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी गई है। जिन लोगों का संक्रमित यात्रियों से संपर्क हुआ, उनकी जांच और निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संक्रमण आखिर कहां और कैसे फैला।
जहाज पर अभी क्या स्थिति बनी हुई?
क्रूज जहाज पर अभी भी 146 लोग मौजूद हैं। ये यात्री 23 अलग-अलग देशों से हैं। जहाज संचालक कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने कहा है कि जहाज पर सख्त सावधानी बरती जा रही है। कई यात्रियों को सेंट हेलेना द्वीप पर उतारा गया था, जबकि कुछ गंभीर मरीजों को यूरोप भेजा गया। अब यह जहाज स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ पहुंचने वाला है। वहां पहुंचने के बाद यात्रियों को उनके देशों में भेजा जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वह सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और जिन लोगों को खतरा हो सकता है, उनकी निगरानी हो सके।
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जहाज पर आखिर क्या हुआ था?
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब 70 साल के एक डच यात्री की जहाज पर अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द और दस्त की शिकायत हुई। 11 अप्रैल को उसकी जहाज पर ही मौत हो गई। बाद में एक डच महिला और एक जर्मन नागरिक की भी मौत हो गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह संक्रमण एंडीज स्ट्रेन वाले हंतावायरस से जुड़ा है। यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरस माना जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि डच दंपति जहाज पर चढ़ने से पहले अर्जेंटीना में संक्रमित हुए होंगे। दोनों अर्जेंटीना, चिली और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग यात्रा पर गए थे। वहां उन जगहों पर भी गए थे जहां वायरस फैलाने वाले चूहे पाए जाते हैं।
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किन देशों में यात्रियों की निगरानी हो रही है?
क्रूज जहाज के यात्री अलग-अलग देशों में पहुंच चुके हैं, जिसके बाद कई देशों ने निगरानी शुरू कर दी है। नीदरलैंड में तीन लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें एक ब्रिटिश नागरिक, एक 65 वर्षीय जर्मन और एक डच क्रू सदस्य शामिल हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। दक्षिण अफ्रीका में एक ब्रिटिश यात्री आईसीयू में भर्ती है। स्विट्जरलैंड में भी एक संक्रमित यात्री का इलाज ज्यूरिख में चल रहा है। ब्रिटेन में दो लोग घर में अलग रह रहे हैं और पांच अन्य यात्रियों की निगरानी की जा रही है। अमेरिका में जॉर्जिया और एरिजोना में तीन लोगों पर नजर रखी जा रही है। वहीं सिंगापुर में दो बुजुर्ग पुरुष खुद को अलग रखकर जांच करा रहे हैं। इनमें से एक को हल्की सर्दी है जबकि दूसरा बिना लक्षण के है।
क्या कोविड जैसी महामारी का खतरा?
हंतावायरस के मामले सामने आने के बाद दुनिया में डर बढ़ गया है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साफ कहा है कि कोविड जैसी बड़ी महामारी की आशंका फिलहाल नहीं है। संगठन ने कहा कि अभी तक वायरस के तेजी से फैलने के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एंडीज स्ट्रेन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। यही कारण है कि सभी देशों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी गई है। जिन लोगों का संक्रमित यात्रियों से संपर्क हुआ, उनकी जांच और निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संक्रमण आखिर कहां और कैसे फैला।
जहाज पर अभी क्या स्थिति बनी हुई?
क्रूज जहाज पर अभी भी 146 लोग मौजूद हैं। ये यात्री 23 अलग-अलग देशों से हैं। जहाज संचालक कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने कहा है कि जहाज पर सख्त सावधानी बरती जा रही है। कई यात्रियों को सेंट हेलेना द्वीप पर उतारा गया था, जबकि कुछ गंभीर मरीजों को यूरोप भेजा गया। अब यह जहाज स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ पहुंचने वाला है। वहां पहुंचने के बाद यात्रियों को उनके देशों में भेजा जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वह सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और जिन लोगों को खतरा हो सकता है, उनकी निगरानी हो सके।
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