फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Hamas says ceasefire talks expected to resume next week after US, Israel recall negotiators

गाजा संकट: US-इस्राइल ने वापस बुलाईं वार्ता टीमें, हमास बोला- नेतन्याहू को लाभ पहुंचाने के लिए दबाव की रणनीति

Fri, 25 Jul 2025 07:12 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 25 Jul 2025 07:12 PM IST
सार

गाजा में इस्राइली हमलों के बीच हमास ने कहा है कि संघर्षविराम पर बातचीत अगले हफ्ते फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हमास का कहना है कि यह इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फायदा पहुंचाने के लिए दबाव की रणनीति है। हमास की ओर से यह बयान तब आया है, जब अमेरिका और इस्राइल ने अपनी वार्ता टीमों को कतर से वापस बुला लिया है। 

विज्ञापन
Hamas says ceasefire talks expected to resume next week after US, Israel recall negotiators
गाजा में तबाही का मंजर। - फोटो : यूनिसेफ

विस्तार

गाजा में इस्राइली हमले जारी हैं और जानकारों का कहना है कि फलस्तीनी लोग भुखमरी के कगार पर हैं। इस बीच हमास ने कहा कि संघर्षविराम को लेकर इस्राइल के साथ बातचीत अगले हफ्ते फिर से शुरू हो सकती है। हमास के अधिकारी बासेम नईम ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई है कि इस्राइल का प्रतिनिधिमंडल अगले हफ्ते की शुरुआत में सलाह-मशविरे के लिए रवाना होगा। पहले की बातचीत कतर में हुई थी। 
विज्ञापन

हमास को युद्धविराम में खास रुचि नहीं: विटकॉफ
हमास की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने भी अपनी वार्ता टीम कतर से वापस बुला ली है। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा था कि हमास का हालिया जवाब दिखाता है कि उसे युद्धविराम में कोई खास रुचि नहीं है। विटकॉफ ने कहा, अब अमेरिका अन्य विकल्पों पर विचार करेगा, ताकि बंधकों को घर लाया जा सके और गाजा के लोगों के लिए एक स्थिर माहौल तैयार किया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह क्या विकल्प होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: नेतन्याहू के स्वागत करने के चलते हंगरी की बढ़ीं मुश्किलें, अंतरराष्ट्रीय आपराध न्यायालय ने लिया बड़ा फैसला

नेतन्याहू ने भी वापस बुलाई अपनी वार्ता टीम
इससे पहले गुरुवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने भी हमास के जवाब को देखते हुए अपनी वार्ता टीम को वापस बुला लिया। नेतन्याहू के कार्यालय ने स्टीव विटकॉफ और अन्य मध्यस्थों (कतर और मिस्र) के प्रयासों की सराहना की, लेकिन इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी।
विज्ञापन

गाजा में भुखमरी का संकट
ट्रंप प्रशासन को संघर्षविराम समझौते पर कोई ठोस कामयाबी नहीं मिली है, जबकि गाजा में मानवीय हालात बदतर हो रहे हैं। इस्राइल पर गाजा में संकट के लिए भारी दबाव है, क्योंकि भुखमरी और कुपोषण से लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में दो दर्जन से ज्यादा पश्चिम समर्थक देशों और सौ से ज्यादा सहायता व मानवाधिकार संगठनों ने युद्ध खत्म करने की मांग की है। उन्होंने इस्राइल की नाकेबंदी और उसकी नई राहत वितरण प्रणाली की आलोचना की है। कुछ संगठनों ने तो यह भी कहा कि उनके कर्मचारी खुद भूखे रह जा रहे हैं। गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एलान किया कि फ्रांस फलस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देगा। उन्होंने कहा, इस वक्त सबसे जरूरी है कि गाजा में युद्ध रुके और आम लोगों का जीवन बचे।

विटकॉफ का बयान दबाव बनाने की रणनीति: हमास
हमास ने कहा कि विटकॉफ का बयान नेतन्याहू को राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लिए दबाव की रणनीति है। हमास के अधिकारी नईम ने कहा कि हाल की बातचीत में कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है, जैसे संघर्षविराम का एजेंडा, भविष्य में स्थायी समझौते पर चर्चा की गारंटी और मानवीय सहायता की प्रक्रिया। इस्राइल सरकार ने इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी कि क्या वार्ता अगली हफ्ते दोबारा शुरू होगी।

ये भी पढ़ें: 'हमारे लिए हमेशा दोस्ती पहले आती है...', भारत-मालदीव संबंधों पर बोले प्रधानमंत्री मोदी

संघर्षविराम समझौते के लिए क्या है सबसे बड़ी अड़चन
कतर में कई हफ्तों से बातचीत चल रही है, जिनमें कभी-कभार थोड़ी प्रगति हुई है, लेकिन कोई बड़ा समझौता नहीं हो पाया है। सबसे बड़ी अड़चन यह बनी हुई है कि युद्ध के बाद इस्राइली सैनिकों की तैनाती का क्या होगा। इस वक्त जो समझौता चर्चा में है, उसमें 60 दिनों के संघर्षविराम की बात है, जिसके तहत हमास पहले चरण में 10 जीवित बंधकों और 18 अन्य के शवों को सौंपेगा। बदले में इस्राइल फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इसके साथ ही मानवीय राहत बढ़ाई जाएगी और दोनों पक्ष स्थायी युद्धविराम पर बात करेंगे।

एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं दोनों पक्षों की मांगें
बातचीत इसलिए अटकी है क्योंकि दोनों की मांगें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। हमास कहता है कि वह सभी बंधकों को तभी छोड़ेगा, जब इस्राइल पूरी तरह युद्ध बंद करेगा और गाजा से पीछे हटेगा। वहीं, इस्राइल कहता है कि जब तक हमास सत्ता नहीं छोड़ता और हथियार नहीं डालता, वह युद्ध खत्म नहीं करेगा। हमास कहता है कि वह सत्ता छोड़ने को तैयार है, लेकिन हथियार नहीं छोड़ेगा। बताया जा रहा है कि हमास ने बंधकों को अलग-अलग जगहों पर रखा है, जिसमें कुछ को सुरंगों में भी रखा गया है। उसने अपने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि अगर इस्राइली सैनिक नजदीक आएं तो बंधकों को मार दिया जाए।

वार्ता अटकने से बंधकों के परिजन परेशान
करीब 50 बंधक अब भी गाजा में हैं, लेकिन अनुमान है कि इनमें से आधे से कम ही जीवित हैं। उनके परिजन इन आधी और बार-बार रुकने वाली वार्ता से बेहद परेशान हैं। निमरोड कोहेन के पिता यहूदा कोहेन ने कहा,  मैंने सोचा था कि शायद कुछ बात बनेगी, जब इस्राइली टीम दोहा में थी। लेकिन जब सुना कि टीम लौट रही है, तो खुद से पूछा- यह बुरा सपना आखिर कब खत्म होगा?

गाजा में जारी हैं इस्राइली हमले, 22 की मौत
इस बीच, गाजा में  इस्राइली हमले जारी हैं। गुरुवार रात से अब तक 22 लोगों की मौत हुई है। नासेर अस्पताल के रिकॉर्ड बताते हैं कि कुछ लोगों की मौत बमबारी से हुई, जबकि कुछ अन्य लोगों की मौत उस वक्त हुई जब वे राहत सामग्री लेने गए थे।

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed