Gaza: हमास ने तेल अवीव में बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली, कहा- जब तक हत्या की नीति जारी रहेगी, शहादत देते रहेंगे
हमास और इस्लामिक जिहाद ने इस्राइल के दूसरे सबसे बड़े शहर तेल अवीव में हुए बम विस्फोट की जानकारी ली है। संगठनों ने कहा कि जब तक इस्राइल की 'हत्या नीति' चलती रहेगी, हम शहादत देते रहेंगे।
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इस्राइल में तेल अवीव के एक आराधनालय में हुए बम विस्फोट की जिम्मेदारी हमास और इस्लामिक जिहाद ने ली है। इस हमले में एक व्यक्ती की मौत हो गई थी जबकि एक राहगीर घायल गया था। इस्राइल पुलिस और शिन बेट खुफिया एजेंसी ने पहले ही इसे आतंकवादी हमला बताया था।
इस्राइली सरकार के प्रवक्ता डेविड मेन्सर ने कहा कि शुक्रवार को एक व्यक्ति विस्फोटकों से भरा एक बैग ले जा रहा था, इससे पहले कि वह व्यक्ति विस्फोटक को घनी आबादी के पास ले जाता उससे पहले ही विस्फोट हो गया।
एक संयुक्त बयान में, दोनों फलस्तीनी समूह हमास और इस्लामिक जिहाद ने कहा कि जब तक इस्राइल की "कब्जे, नरसंहार और हत्या की नीति जारी रहेगी, तब तक हम शहादत देते रहेंगे। दोनों समूहों ने यह बयान 31 जुलाई को हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या को लेकर दिया है। हालांकि ईरान की राजधानी तेहरान में हुई हानिया की हत्या के आरोपों को ना तो इस्राइल ने कभी स्वीकार किया है और ना ही इससे इनकार किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल को नए हथियारों की बिक्री के लिए 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा की मंजूदी दे दी है। बाइडन प्रशासने यह फैसला गाजा में मानवीय क्षति के कारण हथियारों की आपूर्ति रोकने के दबाव को दरकिनार करते हुए लिया है।
पिछले साल से चल रहा है युद्ध
गाजा में युद्ध पिछले साल 7 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब हमास के बंदूकधारियों ने सीमा पार इस्राइल में प्रवेश किया और लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी। इस्राइली आंकड़ों के अनुसार लगभग 250 बंधकों का अपहरण कर लिया। इसके बाद इस्राइल ने सैन्य अभियान चलाकर गाजा पट्टी के बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया। एन्क्लेव के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक तब से अब तक 40 हजार लोग मारे जा चुके हैं।
मध्यस्थता के जरिए युद्ध को रोकने की कोशिश
गाजा में संघर्ष विराम की कोशिश कर रहे मध्यस्थ देशों का कहना है कि ऐसे युद्ध को समाप्त करना जरूरी है, जिसमें स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार 40,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अब तक 23 लाख से अधिक लोगों को विस्थापित किया जा चुका है। इस वजह से क्षेत्र में मानवता का संकट पैदा हो चुका है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अकाल और पोलियो जैसी बीमारियां फैल सकतीं हैं। बताया गया है कि रविवार गाजा में इंस्राइल के हमले में जो छह बच्चे मारे गए, उनमें से चार बच्चों ने एक साथ जन्म लिया था। अल-अक्सा शहीद अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हमले में महिला और इसके छह बच्चे मारे गए हैं। इसके अलावा मध्य गाजा में हुए एक और हमले में नौ लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा शनिवार को खान यूनुस क्षेत्र में एक हवाई हमले में चार लोगों की मौत हो गई।
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