War: हमास ने अमेरिका से सीधी बातचीत पर जताई सहमति, लेकिन ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप; इस्राइल ने किया विरोध
हमास के अधिकारी अल-मसरी ने अमेरिका से सीधी बातचीत करने पर सहमति जताई है। साथ ही ट्रंप की आलोचना भी की है। उन्होंने कहा कि वे इस्राइली कैदियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि इस्राइली जेलों में लगभग 10,000 फलस्तीनी बंदी हैं।
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध विराम समझौते के बावजूद आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इसी बीच हमास के वरिष्ठ अधिकारी मुशीर अल-मसरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गाजा में बंधकों की रिहाई को लेकर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस ने हमास के साथ सीधी बातचीत की पुष्टि की है, ताकि गाजा में बंधकों की रिहाई की जा सके, जो अमेरिकी नीति में एक बड़ा बदलाव है। हालांकि इस्राइल के प्रधानमंंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास और अमेरिका के बीच सिधी बातचीत के प्रस्ताव का विरोध किया है।
मामले में अल मसरी का बयान
अल-मसरी ने कहा कि अमेरिका और हमास के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता लाना है, लेकिन गाजा में युद्धविराम अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। इस्राइल ने हमास पर युद्धविराम बढ़ाने के लिए दबाव डालने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सहायता रोक दी है। उन्होंने कहा कि हमास बंधकों की रिहाई के बदले युद्धविराम के दूसरे चरण पर बातचीत करना चाहता है, जिसमें लड़ाई का स्थायी अंत और शेष जीवित बंधकों की रिहाई शामिल है।
इस्राइल पर पक्षपात का आरोप
साथ ही अल-मसरी ने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि वे इस्राइली कैदियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि इस्राइली जेलों में लगभग 10,000 फलस्तीनी बंदी हैं। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन पर इस्राइल के प्रति पक्षपाती होने का आरोप भी लगाया।
अल-मसरी ने ट्रंप प्रशासन से की अपील
साथ ही मुशीर अल-मसरी ने ट्रंप प्रशासन से अपील की है कि वे तटस्थ रहें और इस्राइल के समर्थन में बाइडन प्रशासन की प्रतिकृति बनने से बचें। उन्होंने कहा कि धमकी और डराने की नीति प्रभावी नहीं होगी और गाजा के लोगों को जबरन विस्थापित करने के प्रयास निरर्थक होंगे।
जारी वार्ता के बीट ट्रंप की धमकी
हालांकि, हमास और अमेरिका के बीच वार्ता जारी है, फिर भी डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में बंधकों की रिहाई को लेकर हमास को धमकाना जारी रखा है। ट्रंप ने कहा कि हमास को सभी बंधकों को तुरंत रिहा करना चाहिए, वरना उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस बीच मध्य पूर्व के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने संकेत दिया है कि अगर हमास अमेरिकी मांगों का पालन नहीं करता है, तो गाजा में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई हो सकती है।
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