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एफएटीएफ बैठक के बाद रिहा हो सकता है हाफिज, सजा में जानबूझकर छोड़ी गई हैं कई कमियां
Sun, 16 Feb 2020 12:08 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर/नई दिल्ली।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर/नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 16 Feb 2020 12:08 AM IST
सार
मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और आतंकी सरगना हाफिज सईद को भले ही जेल की सजा मिली हो लेकिन पेरिस में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक के बाद उसे रिहा किए जाने की पूरी संभावना है।
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hafiz saeed
- फोटो : ANI
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विस्तार
इस बाबत जानकारी देने वाले सूत्र ने बताया कि हाफिज की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए आदेशों में जानबूझकर ऐसी कमियां छोड़ी गई हैं, जो उसे कभी भी रिहा करा सकती हैं। हाफिज का वकील पहले ही कह चुका है कि वह हाफिज को मिली इस सजा को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती देगा। डॉन अखबार के अनुसार, सईद के वकील का तर्क है कि अदालत ने हाफिज को एफएटीएफ के दबाव के चलते दोषी हराया है।
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बता दें कि रविवार 16 फरवरी को पेरिस में एफएटीएफ की बैठक होनी है जिसमें पाक को ग्रे लिस्ट में रखने या इससे निकालकर ब्लैक लिस्ट में डालने अथवा व्हाइट लिस्ट में रखे जाने का फैसला होना है। इससे पहले एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आदेश दिया था कि वह धनशोधन और आतंक वित्तपोषण पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाए। बैठक में इस आधार पर फैसला किया जाएगा कि इस दिशा में पाक ने कितना काम किया है।
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आतंकवादी गुट पर केस चलता है, नेता पर नहीं
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने कहा है कि हाफिज सईद की रिहाई में सबसे बड़ा बिंदु यह होगा कि देश में आतंकी समूहों पर तो मुकदमा चलाया जा सकता है लेकिन उनके नेता और कैडर नियमित रूप से काम करते रहते हैं। यही नहीं, हाफिज पर किए गए फैसले में कई कमियां भी हैं। जबकि हाफिज के संगठन लश्कर और जेयूडी पर विदेश ही नहीं बल्कि देश में भी आतंकियों को समर्थन देने की बातें सामने आई हैं।
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पाक सेना का आतंकी गुटों पर हाथ
जानकार सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के कई आतंकी संगठनों के साथ जेयूडी को भी सेना द्वारा रसद, प्रशिक्षण और धन मुहैया कराया जाता है, जिनका इस्तेमाल वह भारत-अफगानिस्तान के खिलाफ करती है। हाफिज से जुड़े संगठन अवैध ड्रग्स कारोबार से भी धन उगाही करते हैं। एफएटीएफ ने इसी आधार पर उसे ग्रे लिस्ट में डालते हुए चेताया कि यदि पाक ने खामियां दूर नहीं कीं तो वह उसे काली सूची में डालेगा।
सईद पर कार्रवाई महज धोखा : रक्षा विशेषज्ञ
एफएटीएफ की बैठक से ठीक पहले हाफिज सईद की सजा को रक्षा विशेषज्ञ पीके सहगल ने दुनिया को धोखा देने वाला कदम करार दिया है। एक अन्य रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा, जब भी आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ता है तो वह दिखावे के लिए ऐसे आतंकी आकाओं को गिरफ्तार कर लेता है।