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एच-1 बी : अमेरिका में जन्मे अपने बच्चों के लिए मदद मांग रहे भारतीय

Sat, 06 Jun 2020 04:36 AM IST
श्रीधर मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Sat, 06 Jun 2020 04:36 AM IST
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H-1B: Indians seeking help for their US-born children
फाइल फोटो - फोटो : PTI

कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत सरकार के यात्रा प्रतिबंधों से अमेरिका में भारतीय परेशान हैं। इनमें अधिकतर एच-1 बी वीजा धारक हैं, जिनके बच्चे अमेरिका में जन्मे हैं और प्रतिबंधों के तहत वे अब भारत नहीं जा सकते। हालांकि, भारत ने ‘वंदे भारत अभियान’ शुरू किया है लेकिन ऐसे वीजा धारक जिनके बच्चे अमेरिका में जन्मे हैं उन्हें भारत नहीं लाया जा सकता क्योंकि वे अमेरिकी हैं।

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बता दें कि पिछले महीने शुरू ‘वंदे भारत अभियान’ के तहत अब तक 1.07 लाख से अधिक भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। लेकिन ऐसे भारतीय जिनके बच्चे वहां पैदा होने के कारण अमेरिकी नागरिक हो चुके हैं उन्हें इसलिए भारत नहीं लाया जा सकता है क्योंकि यह अभियान सिर्फ विदेशों में बसे भारतीयों के लिए है। अमेरिका में कामकाजी वीजा खत्म होने के बाद अंगुराज कैलासम को अमेरिकी कानून के तहत जितनी जल्दी हो सके देश वापस लौटना है, लेकिन भारतीय कानून के तहत वह अपनी बेटी के साथ भारत वापस नहीं आ सकते हैं। गोपीनाथ नागराजन ने बताया कि भारत में उनकी मां ‘कोमा’ में हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि मैं जल्द वहां पहुंच जाऊं तो सही है लेकिन मेरी चार महीने की बच्ची है। इसे छोड़कर मैं भारत भी नहीं जा सकता हूं।
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बिना भोजन-पैसों के फंसे हैं कई छात्र

जिंसी मैथ्यू एक छात्र हैं और उनका वीजा भी जल्द खत्म होने वाला है, लेकिन उनका भारत लौटना भी मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसी स्थिति में हैं जब हम इस प्रत्यावर्तन उड़ानों में यात्रा नहीं कर सकते, क्योंकि मेरा बच्चा छह महीने का है और उसके पास भारतीय वीजा या ओसीआई कार्ड नहीं है। हमारे पास भारत जाने के वैध कारण है लेकिन बच्ची को अमेरिका में छोड़कर हम नहीं जा सकते।’ ऐसे कई लोग बिना भोजन और पैसों के अमेरिका में फंसे हुए हैं। कई लोगों की नौकरी भी जा चुकी है, लेकिन उनकी वतन वापसी मुश्किल हो रही है।

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