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सऊदी अरब में बदल रही है महिलाओं की जिंदगी
बीबीसी हिंदी
Updated Sat, 18 Nov 2017 03:12 PM IST
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बायन और सारा
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सऊदी अरब के समाज में महिलाओं की जिंदगी पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। हाल ही में सऊदी अरब में महिलाओं को गाड़ी चलाने की इजाजत मिलने के बाद पूरी दुनिया में इस कदम की सराहना की गई थी। महिलाओं ने विशेष रूप से इसे एक ऐसा कदम बताया था जिसे कई साल पहले उठाया जाना था। सऊदी अरब की कुछ महिलाओं ने बीबीसी से इस मुद्दे पर बात की और अपने समाज में महिलाओं की बदलती जिंदगी पर खुलकर बात की है।
सोशल मीडिया के क्षेत्र में कार्यरत 25 साल की बायन बताती हैं, "सऊदी अरब और सऊदी महिलाओं के बारे में एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि हम पुरुषों के हिसाब से चलते हैं लेकिन ये सच नहीं है। मैं आहार, फैशन, लाइफस्टाइल और ब्यूटी जैसे मुद्दों पर बात करती हूं।" बायन ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, "सोशल मीडिया पर लोगों को संदेश देने वाले के लिए ये बेहद अहम है कि सही संदेश दिया जाए। सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक प्रभावशाली हथियार की तरह होते हैं। महिला के रूप में हम नेटवर्किंग कर रहे हैं। अपने विचार साझा कर रहे हैं। हम अपनी बात भी रख रहे हैं। हम काफी शिक्षित और किसी भी मुद्दे को लेकर खुले विचार रखते हैं। लेकिन ये सही है कि हम अपनी हदों में ये करते हैं।"
पढ़ें- सऊदी अरब में योग को मिला स्पोर्ट्स एक्टिविटी का दर्जा
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वहीं 24 वर्षीय सारा सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति में आ रहे बदलाव के बारे में कहती हैं, "सऊदी अरब में बदलाव की गति को अक्सर समझा नहीं जाता है। मेरी दादी ने मेरी मां के अंदाज में अपनी जिंदगी नहीं जी। मैंने भी निश्चित रूप से अपनी मां जैसी जिंदगी नहीं जी है।" सारा कहती हैं, "हम जिस तरह कई सालों और कई पीढ़ियों में विकास की ओर बढ़े हैं वो पूरी दुनिया में हुए विकास की गति से काफी अलग है। हमारे लिए हमारा धर्म और हमारी संस्कृति बहुत अहम है। हम अब अपनी आवाज, अपनी उम्मीदें तलाश रहे हैं कि हम किस तरह विकास करें।"
सारा कहती हैं, "कभी सऊदी अरब एक समान समाज हुआ करता था। मुझे लगता है कि चुनौती यह है कि आप वो संतुलन तलाश करें जिसमें आप जो करना चाहें वो करें, और दूसरों के भी तरीकों का सम्मान करें।"
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सोशल मीडिया के क्षेत्र में कार्यरत 25 साल की बायन बताती हैं, "सऊदी अरब और सऊदी महिलाओं के बारे में एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि हम पुरुषों के हिसाब से चलते हैं लेकिन ये सच नहीं है। मैं आहार, फैशन, लाइफस्टाइल और ब्यूटी जैसे मुद्दों पर बात करती हूं।" बायन ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, "सोशल मीडिया पर लोगों को संदेश देने वाले के लिए ये बेहद अहम है कि सही संदेश दिया जाए। सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक प्रभावशाली हथियार की तरह होते हैं। महिला के रूप में हम नेटवर्किंग कर रहे हैं। अपने विचार साझा कर रहे हैं। हम अपनी बात भी रख रहे हैं। हम काफी शिक्षित और किसी भी मुद्दे को लेकर खुले विचार रखते हैं। लेकिन ये सही है कि हम अपनी हदों में ये करते हैं।"
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वहीं 24 वर्षीय सारा सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति में आ रहे बदलाव के बारे में कहती हैं, "सऊदी अरब में बदलाव की गति को अक्सर समझा नहीं जाता है। मेरी दादी ने मेरी मां के अंदाज में अपनी जिंदगी नहीं जी। मैंने भी निश्चित रूप से अपनी मां जैसी जिंदगी नहीं जी है।" सारा कहती हैं, "हम जिस तरह कई सालों और कई पीढ़ियों में विकास की ओर बढ़े हैं वो पूरी दुनिया में हुए विकास की गति से काफी अलग है। हमारे लिए हमारा धर्म और हमारी संस्कृति बहुत अहम है। हम अब अपनी आवाज, अपनी उम्मीदें तलाश रहे हैं कि हम किस तरह विकास करें।"
सारा कहती हैं, "कभी सऊदी अरब एक समान समाज हुआ करता था। मुझे लगता है कि चुनौती यह है कि आप वो संतुलन तलाश करें जिसमें आप जो करना चाहें वो करें, और दूसरों के भी तरीकों का सम्मान करें।"