सऊदी ने दी कतर को चेतावनी, कहा अगर एस-400 मिसाइल खरीदी तो करेंगे सैन्य कार्रवाई
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सऊदी अरब ने कतर को चेतावनी दी है कि यदि वह रूस के टॉप रेंज के एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल को खरीदता है तो उसे सऊदी की ओर से सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ली मोंडे अखबार ने एक सूचना के आधार पर शुक्रवार को ये खबर प्रकाशित की है। इसमें लिखा है कि सऊदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने स्थानीय स्थिरता को बचाने के लिए मामले में हस्तेक्ष की मांग की और कहा कि इस डील को रोका जाए।
फिलहाल फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय या विदेश मंत्रालय की ओर से इस बारे में कोई जवाब नहीं आया है। बता दें सऊदी को बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात सहित कई क्षेत्रीय शक्तियों का समर्थन प्राप्त है। इन सबने पिछले वर्ष जून में कतर से संबंध तोड़ थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कतर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का साथ दे रहा है और ईरान के करीब जा रहा है। इसके बाद इन्होंने कतर पर कुछ आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए लेकिन कतर आज तक खुद पर लगे इन आरोपों से इंकार करता रहा है।
वहीं खुद को किसी अलगाव से दूर करने के लिए कतर ने भी नए दोस्त बनाए हैं जिनमें रूस का नाम भी शामिल है। कतर ने बीते वर्ष जून में इस बात की घोषणा की थी कि उसकी रूस के साथ एस-400 को खरीदने की वार्ता काफी आगे बढ़ चुकी है।
ली मोंडे की खबर में ये भी लिखा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी में सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने दोहा और मॉस्को के बीच चल रही चर्चा पर गहरी संवेदना दिखाते हुए बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया है। अखबार में लिखा है सऊदी के राजकुमार सलमान के मुताबिक "सऊदी अरब इस रक्षा सिस्टम को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है जिसमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है।"
ये है मिसाइल की खासियत
भारत ने भी वायु सेना के लिए रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद संबंधी बातचीत पूरी कर ली है। यह सौदा अमेरिका के विरोध के वाबजूद हुआ है। दोनों देशों के बीच हुआ ये सौदा 40 हजार करोड़ रुपये का है। भारत करीब 4,000 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा पर अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियां खरीदना चाहता है। जिसमें एस-400 और एस-300 बेहतर संस्करण हैं।
इस एस-400 डिफेंस मिसाइल प्रणाली में लगे रडार 100 से लेकर 300 टार्गेट को ट्रैक कर सकते हैं। साथ ही इसकी मदद से भारत 600 किमी तक की रेंज में ट्रैकिंग कर सकता है। इसके अलावा यह मिसाइल प्रणाली एक ही समय में 400 किमी की रेंज में 36 टार्गेट को निशाना बना सकती है।
इस डिफेंस प्रणाली से विमानों, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ साथ जमीनी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। यह मिसाइलें 400 किमी तक की दूरी तक मार करने की क्षमता रखती हैं। इस सिस्टम से एक साथ तीन मिसाइलें दागी जा सकती हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इससे मिसाइल से लेकर ड्रोन तक से किए जाने वाले हमले को नाकाम किया जा सकता है।
बताते चलें कि अमेरिका ने 'काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन्स एक्ट' (सीएएटीएसए) के तहत रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। जिसके अनुसार रूस से रक्षा अथवा खुफिया प्रतिष्ठानों से लेन-देन करने वाले देशों और कंपनियों को दंड देने की बात कही गई है।