हवाई हमलों के लिए रूस ने किया ईरान का इस्तेमाल
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रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि सीरिया पर हवाई हमलों के लिए रूसी विमानों ने पश्चिमी ईरान स्थित एयर बेस का इस्तेमाल किया है। एक बयान में रूस ने कहा कि टूपलफ-22 M3 और सुखोई-34 जैसे लड़ाकू विमानों ने ईरान के हमदान एयर बेस से उड़ानें भरीं।
इन लड़ाकू विमानों ने अलेप्पो, इदलिब और डेर अल जोर प्रांतो में बम बरसाए। स्थानीय संगठनों का कहना है कि इन हमलों में 27 आम नागरिकों की मौत हो गई।
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के पक्ष में सीरियाई विद्रोहियों के खिलाफ जब से रूस ने मोर्चा संभाला है तब से ये पहला मौका है जब हमलों के लिए रूस ने किसी तीसरे देश का इस्तेमाल किया है।
ईरान, बशर अल-असद का मुख्य सहयोगी देश
ईरान, बशर अल-असद का मुख्य सहयोगी देश है और पिछले पांच सालों से उन्हें सैन्य और वित्तीय सहयोग कर रहा है। 2011 से असद को सत्ता से हटाने के लिए स्थानीय संघर्ष शुरू हुआ है।
पिछले सप्ताह ही रूस ने ईरान और इराक से कहा था कि वो उसके लड़ाकू विमानों को अपने-अपने क्षेत्र से उड़ने की अनुमति दें।