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मौत के करीब IS सरगना बगदादी, ईराकी सेना ने मोसुल में घेरा
एजेंसी/ लंदन
Updated Thu, 03 Nov 2016 06:24 AM IST
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दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का विनाश करीब आ गया है। इसका सरगना अबू बकर अल-बगदादी को मोसुल में इराकी ने चारो ओर से घेर लिया है। अब उसका खात्मा तय माना जा रहा है, जिसके बाद आईएस पूरी तरह चरमरा जाएगा। दो साल बाद पहली बार इराकी सेना आईएस के गढ़ मोसुल में घुसी है। इराकी सेना ने आतंकी संगठन के खिलाफ आखिरी जंग के तहत यह कार्रवाई की है।
मोसुल को इराकी सेना ने पूरी तरह से घेर लिया है। आईएस का सरगना मोसुल में ही छिपा हुआ है। यह जंग आतंकी संगठन आईएस की निर्णायक हार के साथ समाप्त हो सकती है। इराकी कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति मसूद बरजानी के चीफ ऑफ स्टाफ फुएद हुसैन ने बताया कि उनकी सरकार को कई सूत्रों से जानकारी मिली है कि आईएस सरगना बगदादी मोसुल में ही छिपा है। इस जंग में बगदादी के मारे जाने के साथ ही आतंकी संगठन पूरी तरह चरमरा जाएगा। आतंकी संगठन में उसके बराबर हैसियत और प्रभावशाली कोई दूसरा आतंकी नहीं है।
हुसैन ने बताया कि बगदादी पिछले आठ-नौ महीने से मोसुल में छिपा हुआ है। वह पूरी तरह से मोसुल और ताल अफार शहर में आईएस आतंकियों पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि 2014 में शुरुआती जंग के दौरान आईएस के कई कमांडर और बड़े आतंकी मारे जा चुके हैं। इसमें से खासकर सीरिया और अन्य देशों के आईएस आतंकी मारे गए हैं। इसमें उत्तरी इराक और पूर्वी सीरिया के ज्यादातर हिस्सों को आईएस के कब्जे से मुक्त करा लिया गया था।
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लंबी चल सकती है जंग
आईएस सरगना बगदादी को मार गिराना इतना आसान नहीं है। इसके लिए इराकी सेना को काफी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है। आईएस आतंकियों ने अपने छिपने के लिए कई सुरंग बना रखी हैं। ऐसे में यह लड़ाई लंबी चल सकती है। बगदादी को बचाने के लिए आईएस के लड़ाके अपनी जान तक लगा देंगे। हालांकि अगर इस लड़ाई में बगदादी मारा जाता है, तो आईएस का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। ऐसे में जंग जारी रखने के लिए आतंकी संगठन को अपने नए सरगना की घोषणा करनी पड़ेगी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बगदादी के बाद आईएस की कमान कौन संभालेगा। इराकी विशेष बल के मेजर जनरल सामी अल-अरीदी ने बताया कि इराकी सुरक्षा बल मोसुल शहर से सटे गोगजाली और फिर करमा जिले में प्रवेश कर गए हैं। आईएस आतंकी खुद को बचाने और इराकी सेना को रोकने के लिए ब्लास्ट दीवारें बनाई हैं।
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मोसुल को इराकी सेना ने पूरी तरह से घेर लिया है। आईएस का सरगना मोसुल में ही छिपा हुआ है। यह जंग आतंकी संगठन आईएस की निर्णायक हार के साथ समाप्त हो सकती है। इराकी कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति मसूद बरजानी के चीफ ऑफ स्टाफ फुएद हुसैन ने बताया कि उनकी सरकार को कई सूत्रों से जानकारी मिली है कि आईएस सरगना बगदादी मोसुल में ही छिपा है। इस जंग में बगदादी के मारे जाने के साथ ही आतंकी संगठन पूरी तरह चरमरा जाएगा। आतंकी संगठन में उसके बराबर हैसियत और प्रभावशाली कोई दूसरा आतंकी नहीं है।
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हुसैन ने बताया कि बगदादी पिछले आठ-नौ महीने से मोसुल में छिपा हुआ है। वह पूरी तरह से मोसुल और ताल अफार शहर में आईएस आतंकियों पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि 2014 में शुरुआती जंग के दौरान आईएस के कई कमांडर और बड़े आतंकी मारे जा चुके हैं। इसमें से खासकर सीरिया और अन्य देशों के आईएस आतंकी मारे गए हैं। इसमें उत्तरी इराक और पूर्वी सीरिया के ज्यादातर हिस्सों को आईएस के कब्जे से मुक्त करा लिया गया था।
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लंबी चल सकती है जंग
आईएस सरगना बगदादी को मार गिराना इतना आसान नहीं है। इसके लिए इराकी सेना को काफी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है। आईएस आतंकियों ने अपने छिपने के लिए कई सुरंग बना रखी हैं। ऐसे में यह लड़ाई लंबी चल सकती है। बगदादी को बचाने के लिए आईएस के लड़ाके अपनी जान तक लगा देंगे। हालांकि अगर इस लड़ाई में बगदादी मारा जाता है, तो आईएस का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। ऐसे में जंग जारी रखने के लिए आतंकी संगठन को अपने नए सरगना की घोषणा करनी पड़ेगी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बगदादी के बाद आईएस की कमान कौन संभालेगा। इराकी विशेष बल के मेजर जनरल सामी अल-अरीदी ने बताया कि इराकी सुरक्षा बल मोसुल शहर से सटे गोगजाली और फिर करमा जिले में प्रवेश कर गए हैं। आईएस आतंकी खुद को बचाने और इराकी सेना को रोकने के लिए ब्लास्ट दीवारें बनाई हैं।