फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Gulf Countries ›   here's how India affected by the Qatar Crisis 

कतर संकट के लंबा खिंचने से बढ़ी भारत की परेशानी

Tue, 13 Jun 2017 04:30 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली 
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली  Updated Tue, 13 Jun 2017 04:30 AM IST
विज्ञापन
here's how India affected by the Qatar Crisis 
- फोटो : ani
पांच अरब देशों और लीबिया की ओर से कतर की कूटनीतिक घेरेबंदी के लंबा खिंचने से भारत की परेशानी बढ़ गई है। कतर के रक्षात्मक तेवर से भारत को मसले के जल्द सुलझने की उम्मीद थी, लेकिन ईरान, तुर्की और रूस के समर्थन में आने के बाद कतर के बदले तेवर से संकट लंबा खिंचता दिख रहा है।
विज्ञापन


खासतौर पर शुरुआती खाद्य संकट और अनिश्चितता के कारण वहां कार्यरत 6.5 लाख भारतीय कामगारों की बेचैनी बढ़ गई है। निकट भविष्य में इस संकट के और बढ़ने की आशंका है। हालात को देखते हुए कामगारों ने भारतीय दूतावास से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। 
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक संकट फिलहाल बड़ा नहीं है, लेकिन जिस प्रकार रूस, तुर्की और ईरान खुलकर कतर के पक्ष में आए हैं, उससे इस संकट के गहराने के आसार हैं। अरब देशों के बीच इस तरह की स्थितियां पहले भी आती रही हैं और कुछ समय बाद सामान्य होती रही हैं। इसलिए भारत को इस संकट के गहराने का अंदाजा नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब रूस, तुर्की और ईरान का साथ मिलने के बाद कतर के बदले तेवर और इस मुद्दे पर अरब देशों में शुरू हुई कूटनीतिक जंग से नई स्थिति बनती दिख रही है। भारत की चिंता वहां कार्यरत भारतीय कामगारों के अलावा गैस आपूर्ति है। अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो यातायात, आपूर्ति सहित विभिन्न मसलों पर भारत की ओर से शीर्ष स्तर पर कूटनीतिक पहल की जाएगी। हालांकि इस संकट की शुरुआत में ही इन देशों में स्थित दूतावासों के माध्यम से कूटनीतिक पहल की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed