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बहरीन में तीन शियाओं को गोली मार कर दी गई मौत की सजा

Mon, 16 Jan 2017 04:39 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ बेरूत (लेबनान)
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ बेरूत (लेबनान) Updated Mon, 16 Jan 2017 04:39 AM IST
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Bahrain executes three Shia men
सांकेतिक चित्र

बहरीन में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में रविवार को तीन शियाओं को गोली मार कर मौत की सजा दे दी गई। इसके बाद से देश की शिया बहुल आबादी में सुन्नी शासकों के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया है। कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं। मार्च 2014 में पुलिस पर बम हमले के मामले में तीनों शिया युवकों को दोषी ठहराया गया था।

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छह दिन पहले भी कोर्ट ने उनकी मौत की सजा को बरकरार रखा था और रविवार को उन्हें गोली मार दी गई। एक दिन पहले उनके परिवार के सदस्यों को आखिरी बार मिलने के लिए बुलाया गया था। सरकारी अभियोजक के कार्यालय की ओर से जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई। 
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दरअसल बहरीन में मौत की सजा के लिए दोषी को गोली मारने का कानून है। देश की शिया बहुल आबादी की ओर से अक्सर ये आरोप लगाए जाते हैं कि सुन्नी शासक उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं और उन्हें हाशिए पर धकेला जा रहा है। बहरीन में दो दशकों से ज्यादा समय से अल-खलीफा वंश शासन करते आ रहा है। मार्च 2011 की अरब क्रांति से बहरीन भी प्रभावित हुआ था और इससे प्रेरित होकर लोगों ने सुधारों और संवैधानिक राजतंत्र की मांग शुरू कर दी थी लेकिन सुरक्षा बलों ने बड़ी ही निर्ममता से इस विद्रोह को कुचल दिया था। 
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शियाओं को गोली मारने की घटना के बाद शिया गांवों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लोगों ने सड़कें जाम कर दीं और टायर जलाकर गुस्से का इजहार किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। सोशल मीडिया पर इस बाबत कई पोस्ट भी किए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन तस्वीरें भी शेयर की हैं जिसमें तीनों शियाओं के परिजन रोते दिखाई दे रहे हैं। 


खाड़ी देश बहरीन में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कवरेज की अनुमति नहीं है। लंदन स्थित मानवाधिकार समूह ‘रिप्राइव’ ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। इसकी निदेशक माया फोआ ने कहा कि आरोपियों के बयान प्रताड़ित करने के बाद लिए गए थे। बहरीन इंस्टीट्यूट फॉर राइट्स एंड डेमोक्रेसी के मानवाधिकार प्रमुख सईद अहमद ने इसे बहरीन के इतिहास का काला दिन करार दिया। 

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