फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Germany: Angela Merkels coalition will face tough challenge from Green Party, climate change big electoral issue

जर्मनी: एंजेला मर्केल के गठबंधन को मिलेगी ग्रीन पार्टी से कड़ी चुनौती, जलवायु परिवर्तन बड़ा चुनावी मुद्दा 

Sun, 21 Mar 2021 10:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 21 Mar 2021 10:30 PM IST
विज्ञापन
Germany: Angela Merkels coalition will face tough challenge from Green Party, climate change big electoral issue
Angela merkel - फोटो : Social Media

जर्मनी में पिछले हफ्ते दो राज्यों के चुनाव में बड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद अब ग्रीन पार्टी ने राष्ट्रीय चुनाव के लिए कमर कस ली है। विश्लेषकों का कहना है कि देश के मूड को देखते हुए ये संभव है कि सितंबर में होने वाले राष्ट्रीय संसद-बुंडेस्टैग के चुनाव में असल मुकाबला चांसलर एंजेला मर्केल की क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के नेतृत्व वाले गठबंधन और ग्रीन पार्टी के बीच ही हो। 

विज्ञापन

जलवायु परिवर्तन बड़ा मुद्दा
ग्रीन पार्टी ने बीते शुक्रवार को राष्ट्रीय चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र का मसविदा जारी किया। जर्मनी में जलवायु परिवर्तन लोगों की एक बड़ी चिंता है। ग्रीन पार्टी ने इस चिंता का लाभ उठाने के नजरिए से अपने मैनिफेस्टो को तैयार किया है। उसने कहा है-‘ग्रीन पार्टी जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए जरूरी नियम लागू करेगी। 2030 से सिर्फ उन कारों को चलने की इजाजत दी जाएगी, जिनसे शून्य कार्बन उत्सर्जन होता हो।’ घोषणापत्र के मसविदे को अभी पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों की प्रतिक्रिया जानने के लिए जारी किया गया है। उनसे आने वाले सुझावों को शामिल करते हुए इसे जून में अंतिम रूप दिया जाएगा। जून में पार्टी का राष्ट्रीय महाधिवेशन होना तय है।
विज्ञापन

विश्लेषकों के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन के मुद्दे पर अब ग्रीन पार्टी ने खुद को सीधे सीडीयू के सामने खड़ा करने की कोशिश की है। सीडीयू कारों से कार्बन उत्सर्जन रोकने के लिए कोई सख्त समयसीमा लागू करने से इनकार करती रही है। जर्मनी में कारों को इंजीनियरिंग और आम औद्योगिक संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। सीडीयू और दूसरी कंजरवेटिव पार्टियां इस क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव डालने वाली नीतियां लागू करने की विरोधी रही हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मर्केल की सरकार को बताया थकी हुई

जर्मनी के बाडेन-वुटमबर्ग प्रांत में 14 मार्च को हुए चुनाव में ग्रीन पार्टी विजयी रही। जबकि ये प्रांत कार उद्योग का मुख्य केंद्र है। यहां मिली सफलता को ग्रीन पार्टी ने इस बात का संकेत माना है कि देश का आम जनमत अब आर्थिक नुकसान की कीमत पर भी पर्यावरण बचाने की नीतियां लागू करने का समर्थक हो गया है। ग्रीन पार्टी ने एंजेला मर्केल को एक थकी हुई सरकार और घटना के बाद प्रतिक्रिया जताने वाली पार्टी का नेता करार दिया है। 
पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर ग्रीन पार्टी के इस आक्रामक रुख से सीडीयू दबाव में आती दिख रही है। पार्टी के प्रमुख नेता और सांसद नॉबर्ट रोटजेन ने वेबसाइट पोलिटिको.ईयू से कहा कि ग्रीन पार्टी के लिए बढ़ रहे समर्थन को नजरअंदाज करने से अब काम नहीं चलेगा। अब अर्थव्यवस्था को जलवायु संरक्षण के कदमों से अलग दिखाना कारगर नहीं होगा। इसके विपरीत जरूरत इस बात की है कि सीडीयू ऐसी विवेकपूर्ण जलवायु संरक्षण और आर्थिक नीति पेश करे, जिससे लोगों को लगे कि ये दोनों बातें एक दूसरे की विरोधी नहीं हैं।


 

समस्या इंजन नहीं, बल्कि ईंधन

लेकिन पार्टी का कंजरवेटिव धड़ा सख्त समयसीमा मंजूर करने को तैयार नहीं दिखता। परिवहन मंत्री आंद्रेस शुएर ने हाल में सुझाव दिया कि गैसोलाइन और डीजल कारों को चरणबद्ध ढंग से 2035 तक हटाने की नीति लागू की जानी चाहिए। मर्केल की सरकार में मंत्री रह चुके हिल्डगार्ड मूलर ने कहा है कि समस्या इंजन नहीं, बल्कि ईंधन है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि अक्षय ऊर्जा और कार्बन डायऑक्साइड से मुक्त स्रोतों से प्राप्त ऊर्जा को लेकर सिंथेटिक ईंधन तैयार किया जाए। लेकिन सीडीयू गठबंधन के भीतर जहां इस मुद्दे पर अभी सुझाव दिए जा रहे हैं, वहीं ग्रीन पार्टी ने अपना एजेंडा सामने रख दिया है। इससे अगले चुनाव में सत्ताधारी गठजोड़ के लिए एक कठिन चुनौती उभर कर सामने आ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed