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क्या रंगभेद से ग्रसित है दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की पुलिस

Mon, 01 Jun 2020 02:54 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Tanuja Yadav Updated Mon, 01 Jun 2020 02:54 PM IST
सार

  • अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति के मारे जाने के बाद विरोध प्रदर्शन
  • संयुक्त राष्ट्र ने अश्वेत व्यक्ति के मारे जाने की घटना को बताया निराशाजनक
  • पुलिस ने अबतक 1,700 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है

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george floys killed america after that massive protest took place the question is that is american police racist?
अमेरिकी पुलिस - फोटो : PTI

विस्तार

अश्वेत अफ्रीकी-अमेरिकन व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉएड की मौत के बाद अमेरिका के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए, जिससे देश में युद्ध के हालात पैदा हो गए हैं। एक मिनियापोलिस पुलिस अधिकारी के जॉर्ज की गर्दन पर घुटना रखने से अमरिकी लोगों के बीच गुस्सा है।

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अमेरिका में हिंसक प्रदर्शनों इतने ज्यादा हो गए हैं कि अब संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले में संज्ञान लिया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना को निराशावादी बताया है। यूएन ने कहा कि पुलिस के हाथों में सालभर में कई अश्वेत अमेरिकन लोगों की मौत हुई है। वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जॉर्ज फ्लॉएड को मारना उदाहरण है कि कैसे अमेरिका में अश्वेत लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। 
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अमेरिका में वास्तव में पीड़ित कौन है?
यह दिलचस्प है कि 2015 से लेकर अबतक अमेरिका में पुलिस ने जितने श्वेत लोगों का एनकाउंटर किया है वो संख्या अश्वेत लोगों के मौत का आंकड़ा के दोगुने के करीब है। वॉशिंगटन पोस्ट के एक विश्लेषण के मुताबिक 2015 में पुलिस की ओर से मारे गए अश्वेत अमेरिकन लोग, श्वेत अमेरिकन लोगों की तुलना में दो तिहाई है।
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2019 की जनगणना के अनुसार अमेरिका की कुल जनसंख्या में 13.4 फीसद हिस्सा अश्वेत अमेरिकन लोगों का है जबकि श्वेत अमेरिकन लोगों की संख्या 76.5 फीसद यानि कि छह गुना ज्यादा है।

अमेरिका में कौन निशाने पर है?
2013-18 के बीच पुलिस हिंसा को लेकर रजर्स, वॉशिंगटन और मिशिगन विश्वविद्यालयों ने एक साझा अध्ययन में पाया कि श्वेत अमेरिकन लोगों की तुलना में अश्वेत अमेरिकन लोगों को मारने वाली संख्या ढाई गुना ज्यादा है। 

साल 2015 में दी गार्डियन के अध्ययन में पता चलता है कि अमेरिका में पुलिस को इस बात की कुप्रसिद्धि मिली है कि वो अन्य देशों के मुकाबले गोली चलाने में ज्यादा स्वतंत्र है। साल के शुरुआती 24 दिनों में अमेरिका में जितना गोलियां चली हैं उतनी पिछले 24 सालों में इंग्लैंड में नहीं चली हैं।

अमेरिका में निष्पक्षता कहां है?
अमेरिका में विडम्बना यह है कि अमेरिका के 57 फीसद अश्वेत पुलिस अधिकारी मानते हैं कि अश्वेत लोगों की मौत दर्शाती है कि अमेरिका में अश्वेत लोगों और पुलिस के बीच कितनी बड़ी समस्या है। 

पिऊ रिसर्च की माने तो 72 फीसद श्वेत पुलिस अधिकारियों को लगता है कि पुलिस के हाथों अश्वेत लोगों की मौतें अलग अलग घटनाएं थी, जो कि 43 फीसद अश्वेत पुलिस अधिकारी भी मानते हैं।


हालांकि जॉर्ज फ्लॉएड की मौत के बाद अमेरिका के 30 शहरों में प्रदर्शनों की घटनाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से 16 राज्य और 25 शहरों में कर्फ्यू जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पुलिस ने 1,700 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से हो रही है लूट की वजह से अमेरिका में कई कंपनियों और स्टोर अपनी दुकानें बंद कर ली हैं।

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