US: एआई से खुफिया काम में आई रफ्तार, तुलसी गबार्ड बोलीं- इसके सही इस्तेमाल से बचेंगे पैसे और समय
अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कहा कि एआई से अमेरिका की खुफिया एजेंसियों का काम अब ज्यादा तेज और सटीक हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर एआई का इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए, तो यह समय और पैसा दोनों बचा सकता है।
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अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से खुफिया एजेंसियों का काम आसान होने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से देश की खुफिया एजेंसियों का काम अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी से हो रहा है। वॉशिंगटन में आयोजित अमेजन वेब सर्विसेज सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अगर एआई का इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए, तो यह समय और पैसा दोनों बचा सकता है।
एआई से दस्तावेजों की जांच में आसानी
गबार्ड ने बताया कि एआई अब न केवल मानव संसाधन (एचआर) से जुड़े काम संभाल रहा है, बल्कि संवेदनशील दस्तावेजों की वर्गीकृत जानकारी को जांचने में भी मदद कर रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर केनेडी भाइयों की हत्या से जुड़े हजारों दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का काम एआई की मदद से बहुत तेजी से हो रहा है।
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गबार्ड ने कहा कि पहले ये काम इंसान करते थे, जिससे सालों लग सकते थे, लेकिन एआई ने कुछ ही समय में यह प्रक्रिया पूरी कर दी। इसके साथ ही गबार्ड ने ये भी कहा कि वह खुफिया एजेंसियों में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ाना चाहती हैं, और AI इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है।
निजी तकनीक का उपयोग बढ़ेगा
अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर ने कहा कि खुफिया एजेंसियां पहले से ही निजी कंपनियों की तकनीक पर निर्भर हैं, और वह चाहती हैं कि इस सहयोग को और बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि एजेंट्स का समय और मेहनत सिर्फ उसी काम में लगनी चाहिए जो केवल इंसान ही कर सकते हैं, बाकी काम तकनीक के हवाले किए जा सकते हैं।
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खुफिया एजेंसियों में बड़े बदलाव
बता दें कि गबार्ड ने इस साल से पद संभालने के बाद खुफिया तंत्र में कई बदलाव किए हैं। जिसमें 18 खुफिया एजेंसियों के कामकाज की समीक्षा के लिए एक नई टास्क फोर्स बनाना, गोपनीय दस्तावेजों के खुलासे की प्रक्रिया में तेजी, ट्रंप विरोधी माने जा रहे दो वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाने के साथ-साथ, विविधता और समावेश (डीईआई) कार्यक्रमों को समाप्त करना और राष्ट्रपति के लिए दैनिक खुफिया ब्रीफिंग तैयार करने वाले स्टाफ को स्थानांतरित करना, ताकि वे खुद इस पर सीधा नियंत्रण रख सकें। जैसे काम शामिल है।