यूएनएससी में सुधार की प्रक्रिया पर बोले जी4 देश, बहस नहीं नतीजे प्राप्त करना हो उद्देश्य
सुरक्षा परिषद का क्षेत्र बढ़ाने पर जो दे रहे जी4 देशों ने कहा कि यूएनएससी में सुधार के लिए अंतरसरकारी प्रक्रिया लाने का उद्देश्य अंतहीन बहस करना नहीं है बल्कि नई व्यवस्था लाना है।
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जी4 देशों भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने और तत्काल सुधारों को लागू करने पर जोर दिया। सुरक्षा परिषद का दायरा बढ़ाने पर जोर दे रहे चारों राष्ट्रों ने कहा कि अंतरसरकारी वार्ता (आईजीएन) की प्रक्रिया का उद्देश्य नई व्यवस्था बनाना है न कि सिर्फ अंतहीन बहस करते रहना।
संयुक्त राष्ट्र में आईजीएन के दौरान जी4 की ओर से बोलते हुए भारतीय स्थाई प्रतिनिधि सैय्यद अकबरूद्दीन ने कहा कि यूएनएससी की व्यवस्था में सुधारों को तत्काल आगे बढ़ाने को लेकर अधिकतर सदस्य देशों में बढ़ती अधीरता को साफ देखा जा सकता है। ऐसे में हमें उम्मीद है कि यह कवायद अपने प्रयासों को स्पष्ट रूप से निर्देशित करेगी।
उन्होंने कहा, साथ ही अधिकतर सदस्यों की तरफ से सुरक्षा परिषद के स्थाई और अस्थाई सदस्यों की संख्या बढ़ाए जाने की भावना को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा जाएगा। किसी भी नए सुधार को लागू करने के लिए जरूरी है कि हम उन पुराने कामों को करना बंद करें जिन्हें हम बदलना चाहते हैं।
यूएनएससी में भारत की स्थायी दावेदारी को मिला पुर्तगाल का समर्थन
यूएनएससी में भारत की स्थायी सीट की दावेदारी को पुर्तगाल का समर्थन मिला है। शुक्रवार को पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा ने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ संयुक्त बयान जारी किया। इसमें उन्होंने यूएनएससी में भारत की स्थायी दावेदारी को अपना समर्थन देते हुए कहा कि भारत दुनिया में शक्ति संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। इस पर राष्ट्रपति ने उन्हें धन्यवाद दिया। मालूम हो कि पुर्तगाल के राष्ट्रपति चार दिन के भारत दौरे पर हैं।