जी-20: मोदी-ट्रंप में नहीं हुई एस-400 पर बातचीत, विवादों पर जल्द होगी बैठक
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जी-20 सम्मेलन के लिए जापान के ओसाका पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में मुख्यत चार मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें ईरान, 5 जी, रक्षा और द्विपक्षीय संबंध शामिल थे। हालांकि दोनों नेताओं के बीच रूस से खरीदे जा रहे एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान ऊर्जा सुरक्षा तथा फारस की खाड़ी क्षेत्र में शांति को लेकर भारत की चिंताओं को उठाया।जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर मोदी-ट्रंप की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। पिछले सप्ताह अमेरिका ने आरोप लगाया था कि ईरान ने अमेरिका के एक ड्रोन को गिरा दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि ईरान उन चार प्रमुख मुद्दों में शामिल है, जिस पर वह ट्रंप से चर्चा करेंगे। मोदी-ट्रंप की बातचीत के बारे में विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं को बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने पर मुख्य रूप से ध्यान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अस्थिरता हमें कई मोर्चे पर प्रभावित करती है, न सिर्फ ऊर्जा की जरूरतों के मामले में बल्कि खाड़ी में हमारे समुदाय की बड़ी आबादी रहती है, 80 लाख भारतीय खाड़ी क्षेत्र में रहते हैं और आर्थिक हित भी जुड़े हैं। गोखले के मुताबिक इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देशों के अधिकारी क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे।
उन्होंने कहा कि ईरान के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने हमारी ऊर्जा संबंधी चिंताओं के साथ-साथ क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता से जुड़ी चिंताओं को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की कुल ऊर्जा जरूरत में ईरान 11 प्रतिशत की आपूर्ति करता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने के बावजूद ईरान से तेल के आयात में कमी की गई है।
गोखले के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी एवं होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए भारत ने क्षेत्र में कुछ नौसैनिक जहाजों की तैनाती की है।
एस 400 पर बातचीत नहीं
विदेश सचिव विजय गोखले ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच किसी भी रक्षा सौदे समेत एस-400 को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। दोनों नेता व्यापार संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए जल्द एक बैठक करेंगे।
बता दें कि हाल में ही भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली को लेकर कहा था कि भारत को इस रक्षा खरीद के विकल्प की तलाश करनी चाहिए। क्योंकि, यह सौदा अमेरिका के काट्सा एक्ट को प्रभावित करता है। हालांकि भारत ने अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान पर सधी प्रतिक्रिया दी थी।
जी-20 समिट में हुई बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को लोकसभा चुनाव में मिली जीत के लिए बधाई भी दी। ट्रंप ने कहा, ''आपको आम चुनावों में जीत की बधाई। आप इस जीत के योग्य हैं। आप शानदार काम कर रहे हैं। मुझे याद है जब आप पहली बार चुनाव जीते थे, तो कई सारे दल थे जो आपस में लड़ रहे थे। इस बार वे एक साथ मिलकर आए। यह आपकी अद्भुत क्षमता का नमूना है।'
भारत-अमेरिका की द्विपक्षीय बैठक के बाद इसमें जापान भी शामिल हुआ। जिसमें तीनों देशों ने भारत-प्रशांत क्षेत्र को लेकर चर्चा की। इस त्रिपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने जापान, अमेरिका और भारत को 'जय' (JAI) बताया। पीएम मोदी ने कहा कि 'जय' का मतलब 'जीत' है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्रंप को धन्यवाद देते हुए कहा कि हम लोकतंत्र और शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मंत्र सबका साथ-सबका विकास है। हम मेक इन इंडिया के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। भारत के प्रति प्यार जताने के लिए आपका आभारी हूं। यहां दोनों देशों के बीच 4 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें ईरान, 5 जी, रक्षा, द्विपक्षीय संबंध शामिल हैं।'