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G-20 Summit: ब्रिटिश पीएम सुनक ने चीन को पहले खतरा बताया, फिर पलटे और चुनौती करार दिया

Wed, 16 Nov 2022 08:15 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बाली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बाली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 16 Nov 2022 08:15 AM IST
सार

सुनक ने जी-20 सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीन को एक 'प्रणालीगत खतरा' बताया और इसके साथ ही उम्मीद भी जताई कि जलवायु परिवर्तन और यूक्रेन में युद्ध जैसे वैश्विक मुद्दों पर उसके साथ उनकी बातचीत होगी। सुनक ने कहा, 'चीन को लेकर मेरे विचार सीधे हैं।

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Sunak first described China as a threat, then called it a challenge
ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इंडोनेशिया के बाली में जारी जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक चीन के बारे में अपनी राय जाहिर करने को लेकर दुविधा में पड़ गए। पहले उन्होंने चीन को खतरा बता दिया, लेकिन फिर रुख नरम करते हुए उसे एक चुनौती करार दिया। उनका यह बयान पूर्ववर्ती ब्रिटिश पीएम लिज ट्रस की राय के विपरीत है। ट्रस ने चीन को घोषित रूप से खतरा बताया था। 

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सुनक ने जी-20 सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीन को एक 'प्रणालीगत खतरा' बताया और इसके साथ ही उम्मीद भी जताई कि जलवायु परिवर्तन और यूक्रेन में युद्ध जैसे वैश्विक मुद्दों पर उसके साथ उनकी बातचीत होगी। सुनक ने कहा, 'चीन को लेकर मेरे विचार सीधे हैं। चीन स्पष्ट रूप से हमारे मूल्यों और हमारे हितों के लिए एक प्रणालीगत खतरा है, हां, एक प्रणालीगत चुनौती है। निस्संदेह हमारी आर्थिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। चीन के बारे में मेरी यही राय है।'  हालांकि, सुनक ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वे चीन को खतरा मानते हैं या नहीं? 
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जिनपिंग से मुलाकात की उम्मीद
ब्रिटिश पीएम सुनक ने जी-20 सम्मेलन में भाग लेने बाली आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की भी उम्मीद प्रकट की। ब्रिटिश पीएम ने कहा कि यदि हम सार्वजनिक स्वास्थ्य, रूस और यूक्रेन जैसी बड़ी वैश्विक चुनौतियों को हल करना चाहते हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था को ठीक करना चाहते हैं या जलवायु परिवर्तन से निपटना चाहते हैं तो बातचीत करना और चीन के साथ जुड़ना अहम है। 
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ताइवान की स्थिति एकतरफा नहीं बदलना चाहिए
ताइवान को लेकर ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने कहा कि इसे लेकर हमारी नीति स्पष्ट है। ताइवान की स्थिति में कोई एकतरफा परिवर्तन नहीं होना चाहिए। हम ताइवान का उसी तरह समर्थन करने के लिए तैयार हैं, जिस तरह हम चीनी आक्रामकता का सामना करने को तैयार रहते हैं। 


ऋषि सुनक ने भारत के हक में लिया बड़ा फैसला
उधर, पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की मुलाकात के बाद भारतीय नागरिकों के हक में अच्छी खबर आई है। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सुनक ने भारत के युवा पेशेवरों को हर साल ब्रिटेन में काम करने के लिए 3,000 वीजा देने की हरी झंडी दे दी है। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि भारत इस तरह की योजना से लाभान्वित होने वाला पहला वीजा-राष्ट्रीय देश है, जो पिछले साल ब्रिटेन-भारत प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी की ताकत पर प्रकाश डालता है।

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