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कोरोना वायरस के बाद बदल जाएगा दुनिया के काम करने का तरीका

Mon, 04 May 2020 05:31 PM IST
प्रदीप पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रदीप पाण्डेय Updated Mon, 04 May 2020 05:31 PM IST
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Future of works in world will change after covid 19 pandemic
Lockdown work from home - फोटो : Social Media

कोरोना वायरस के कारण दुनिया में बहुत सारी चीजें बदल रही हैं। दुनिया के काम करने का तरीका बदल रहा है, लोगों का खानपान बदल रहा है, लोगों का रहन-सहन बदल रहा है या यूं कहूं तो पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है। यदि आप अपने आसपास ही नजर डालें तो आपको बदलाव नजर आने लगेगा। हाल ही में अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि दुनिया में जो बदलाव अगले दो साल में होने वाले थे, वो बदलाव कोरोना की वजह से महज दो महीने में हो गए। आइए जानते हैं कोरोना के बाद दुनिया का भविष्य क्या होगा और काम करने का तौर-तरीका क्या होगा?

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वर्क फ्रॉम होम का चलन

कोरोना के कारण तमाम कंपनियों के बीच वर्क फ्रॉम होम का ट्रेंड बड़े स्तर पर देखने को मिला है। जो कंपनियां कोरोना से पहले अपने कर्मचारियों को किसी भी सूरत में घर से काम करने की इजाजत नहीं देती थीं, उनके भी कर्मचारी अब घर से काम कर रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम से कंपनियों को बहुत बड़ा फायदा हो रहा है। इसे उदाहरण से समझें तो किसी कंपनी को एक कर्मचारी के लिए ऑफिस में एक जगह तय करनी होती है, एक कुर्सी देनी होती है, बिजली का खर्च देना होता है, बिल्डिंग का किराया देना होता है, ऑफिस ब्वॉय की भी जरूरत पड़ती है, लेकिन वर्क फ्रॉम होम में इस तरह की चीजों की जरूरत नहीं पड़ती। 

यहां तक की बिजली का खर्च भी कंपनी को नहीं देना होता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो वर्क फ्रॉम होम में कंपनियों के काफी पैसे बचेंगे और आने वाले समय में 50 फीसदी से अधिक काम ऐसे ही होंगे, हालांकि घर से सभी तरह के काम नहीं हो सकते, लेकिन प्री-सेल, पोस्ट सेल, डाटा एनालिस्ट, क्रिएटिव राइटर, कस्टर सपोर्ट, कंसलटेंसी और कंटेंट राइटिंग जैसे काम आराम से हो सकते हैं।
 

 

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खानपान में बदलाव

कोरोना वायरस के कारण लोगों के खानपान में बदलाव देखने को मिल रहा है और इसके कारण लोगों की सेहत सुधर रही है। हाल ही में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर और हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ डॉक्टर वाल्टर विललेट ने कहा था कि मुताबिक 40 फीसदी से अधिक व्यस्क अमेरिकी मोटापे के शिकार हैं जिसके कारण लोगों में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और लोगों की जान भी जा रही है, लेकिन कोरोना ने लोगों की जिंदगी सुधार दी है। केवल अमेरिका में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में यह बदलाव देखने को मिलेगा। लोग होटल में कम खाना पसंद करेंगे और इससे लोगों की सेहत में काफी सुधार देखने को मिलेगा। लोग मांस खाना भी कम करेंगे।

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खर्च में कटौती

जैसा कि कई देशों में बड़े स्तर पर लोग बेरोजगार हुए हैं और आने वाले समय में स्थिति और खराब होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लॉकडाउन के कारण लोगों के खर्च में कमी देखने को मिल रही है, क्योंकि जो पैसे कपड़े खरीदने और प्रसाधन में खर्च हो रहे थे वे एकदम से बंद हो गए हैं। साथ ही लोगों के मन में नौकरी जाने का डर बैठा हुआ है। इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए लोगों के दैनिक खर्च में कटौती होगी।

बढ़ेगा साइकिल का इस्तेमाल

हाल ही में ग्लोबल बाइसाइकिल टायर (BC) की शोध में यह दावा किया गया है कि कोरोना वायरस खत्म होने के बाद बाजार में साइकिल की मांग तेजी से बढ़ेगी। साइकिल की मांग बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण सोशल डिस्टेंसिंग का है। जिन लोगों को पास के किसी बाजार या मॉल में जाना है या जो लोग शेयरिंग ऑटो का इस्तेमाल करते हैं, वे साइकिल का ही इस्तेमाल करेंगे, क्योंकि साइकिल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होगा और किसी के संपर्क में आने का कोई मसला नहीं रहेगा। इसके अलावा इसमें खर्च भी कम है। अमेरिका में कोरोना महामारी के दौरान साइकिल सबसे बड़ा साधन है।

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