फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   France Prime Minister Élisabeth Borne survives no-confidence motion in parliament Latest News Update

France: फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न अविश्वास प्रस्ताव से बचीं, संसद में पास नहीं हो सका प्रस्ताव

Mon, 11 Jul 2022 11:29 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 11 Jul 2022 11:29 PM IST
सार

संसद में केवल 146 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इसे पास कराने के लिए 289 मतों की आवश्यकता होती है।

विज्ञापन
France Prime Minister Élisabeth Borne survives no-confidence motion in parliament Latest News Update
फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव संसद में नहीं टिक पाया। जून में हुए चुनावों के तुरंत बाद वामपंथी सांसदों के गठबंधन द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, संसद में केवल 146 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इसे पास कराने के लिए 289 मतों की आवश्यकता होती है।

विज्ञापन


बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव के जरिए वाम गठबंधन सरकार और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आर्थिक नीतियों के प्रति अपना विरोध जताना चाहता था। वाम गठबंधन ‘नुप्स’ ने हाल के संसदीय चुनाव के बाद प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न के नेशनल असेंबली में पहले बड़े भाषण के मद्देनजर औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन


हालांकि, इस प्रस्ताव को सांसदों द्वारा स्वीकार किए जाने की संभावना पहले से ही बहुत कम थी, क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आधे से अधिक सांसदों (कम से कम 289 सांसदों) से मंजूरी मिलनी चाहिए। इसका मतलब यह है कि अगर कई विपक्षी सांसद अनुपस्थित रहते हैं, जबकि मैक्रों के गठबंधन के सदस्य इसके खिलाफ मतदान करते हैं, तो 289 की सीमा तक नहीं पहुंचा जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


संसद के निचले सदन में 147 सांसदों के साथ ‘नुप्स’ सबसे बड़ा विपक्षी गठबंधन है। मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन ने पिछले महीने के चुनाव में अपना संसदीय बहुमत खो दिया, लेकिन अभी भी उसके पास 250 सदस्यों का समर्थन है। फ्रांस में केवल एक बार 1962 में अविश्वास प्रस्ताव को सफलता मिली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed