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Sri Lanka: 52 दिन बाद श्रीलंका लौटे पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे, जानें अब तक क्या-क्या हुआ?
Sat, 03 Sep 2022 06:08 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 03 Sep 2022 06:08 PM IST
सार
गोतबाया मालदीव के रास्ते सिंगापुर पहुंचे और फिर कुछ दिन थाईलैंड में बिताए। वह थाईलैंड भाग जाने के लगभग दो महीने बाद लौटे है। पूर्व राष्ट्रपति 11 अगस्त को श्रीलंका सरकार के अनुरोध पर थाईलैंड पहुंचे।
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राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे, गोतबाया राजपक्षे, Gotabaya Rajapakse
- फोटो : Google
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विस्तार
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे शनिवार तड़के स्वदेश लौट आए। आर्थिक संकट से जुझ रहे श्रीलंका के लोगों के विरोध के बाद जुलाई माह में गोतबाया राजपक्षे देश छोड़कर चले गए थे।उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके दफ्तर और घर पर भी धावा बोल दिया था। डेली मिरर के मुताबिक, राजपक्षे सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट से श्रीलंका पहुंचे हैं। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति को दी जाने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उनके मिरिहाना स्थित आवास पर कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई गई है।
सिंगापुर पहुंचने के बाद दिया इस्तीफा
गोतबाया मालदीव के रास्ते सिंगापुर पहुंचे और फिर कुछ दिन थाईलैंड में बिताए। वह थाईलैंड भाग जाने के लगभग दो महीने बाद लौटे है। पूर्व राष्ट्रपति 11 अगस्त को श्रीलंका सरकार के अनुरोध पर थाईलैंड पहुंचे। हालांकि, थाईलैंड ने उन खबरों का खंडन किया है कि श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति ने देश में शरण मांगी है। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजपक्षे से राजनीतिक शरण मांगने के इरादे से देश की यात्रा करने का अनुरोध मिला है। 13 अगस्त को राजपक्षे ने देश छोड़ दिया था।
रानिल विक्रमसिंघे ने 21 जुलाई को ली थी शपथ
डेली मिरर ने एक करीबी सूत्र के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका एसएलपीपी के अनुरोध पर उनकी वापसी की व्यवस्था की। इससे पहले रूस में श्रीलंका के पूर्व राजदूत उदयंगा वीरातुंगा ने राजपक्षे के 24 अगस्त को देश लौटने के संकेत दिए थे। श्रीलंकाई संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अबेवर्धने ने 15 जुलाई को राजपक्षे के आधिकारिक इस्तीफे की घोषणा की थी। गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद रानिल विक्रमसिंघे ने 21 जुलाई को संसद में श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
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सिंगापुर पहुंचने के बाद दिया इस्तीफा
गोतबाया मालदीव के रास्ते सिंगापुर पहुंचे और फिर कुछ दिन थाईलैंड में बिताए। वह थाईलैंड भाग जाने के लगभग दो महीने बाद लौटे है। पूर्व राष्ट्रपति 11 अगस्त को श्रीलंका सरकार के अनुरोध पर थाईलैंड पहुंचे। हालांकि, थाईलैंड ने उन खबरों का खंडन किया है कि श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति ने देश में शरण मांगी है। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजपक्षे से राजनीतिक शरण मांगने के इरादे से देश की यात्रा करने का अनुरोध मिला है। 13 अगस्त को राजपक्षे ने देश छोड़ दिया था।
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रानिल विक्रमसिंघे ने 21 जुलाई को ली थी शपथ
डेली मिरर ने एक करीबी सूत्र के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका एसएलपीपी के अनुरोध पर उनकी वापसी की व्यवस्था की। इससे पहले रूस में श्रीलंका के पूर्व राजदूत उदयंगा वीरातुंगा ने राजपक्षे के 24 अगस्त को देश लौटने के संकेत दिए थे। श्रीलंकाई संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अबेवर्धने ने 15 जुलाई को राजपक्षे के आधिकारिक इस्तीफे की घोषणा की थी। गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद रानिल विक्रमसिंघे ने 21 जुलाई को संसद में श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
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