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Hindi News ›   World ›   Former Pakistan diplomat Tasnim Aslam claimes, Nawaz Sharif had soft corner for India

पाकिस्तान की पूर्व राजनयिक ने किया दावा, भारत को लेकर नरम थे नवाज शरीफ

Tue, 17 Mar 2020 02:33 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 17 Mar 2020 02:33 AM IST
सार

तसनीम असलम ने दावा किया कि नवाज शरीफ विदेश मंत्रालय के जरिए भारत और सजा-ए-मौत के गुनाहगार कुलभूषण जाधव के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहते थे।

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Former Pakistan diplomat Tasnim Aslam claimes, Nawaz Sharif had soft corner for India
तसनीम असलम - फोटो : ट्विटर

विस्तार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भारत से रिश्तों को लेकर पहली बार पाकिस्तान की पूर्व राजनयिक ने अजीब दावा किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की पूर्व प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा कि पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने न सिर्फ उन्हें भारत के खिलाफ बोलने से रोका बल्कि उन्हें सजा-ए-मौत के गुनाहगार कुलभूषण जाधव को लेकर भी नई दिल्ली के प्रति नरम होने की नीति का हिस्सा बताया।

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असलम ने साल 2013 से 2017 तक विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता के रूप में सेवा दी थी। उन्होंने इस्लामाबाद आधारित पत्रकार इसा नकवी द्वारा संचालित यूट्यूब चैनल के साथ एक इंटरव्यू में दावा किया कि नवाज शरीफ विदेश मंत्रालय के जरिए भारत और जाधव के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहते थे। शरीफ फिलहाल लंदन में इलाज करा रहे हैं। इस इंटरव्यू के बारे में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने जानकारी दी है। 
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असलम ने कहा कि भारत के लिए नरम होने की नीति देश के लिए फायदेमंद नहीं थी। उन्होंने कहा, इससे पाकिस्तान को तो कोई फायदा नहीं हुआ, लेकिन मुझे नहीं पता कि इससे नवाज शरीफ के हितों को कोई फायदा हुआ या नहीं। असलम ने दावा किया कि नवाज शरीफ का भारत के साथ व्यावसायिक हित था। जब उनसे पूछा गया कि क्या शरीफ का परिवार भारत का समर्थक था? तो असलम ने कहा, ‘हां, बेशक’।

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हुर्रियत नेताओं ने नहीं मिलना चाहते थे शरीफ

तसनीम असलम ने यह दावा भी किया कि शरीफ चाहते थे जब वह बतौर पीएम भारत जाएं तो वे वहां जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी हुर्रियत नेताओं से न मिलें। जबकि कोई पाक पीएम भारत जाने पर इन नेताओं से मिलता रहा है। लेकिन नवाज ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। 

बता दें कि 2014 में पहली बार नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ के वक्त नवाज शरीफ को आमंत्रण पर बुलाया था और वे भारत आए थे। प्रधानमंत्री मोदी भी अफगानिस्तान दौरे से लौटते वक्त नवाज शरीफ के कहने पर ही अचानक इस्लामाबाद पहुंचे थे।

सूचना सचिव ने दावे को बेबुनियाद बताया

डॉन अखबार ने लिखा है कि जब पूर्व राजनयिक के इन दावों पर पीएमएल-एन में सूचना सचिव मरियम औरंगजेब से जानकारी ली गई तो उन्होंने इन्हें बेबुनियाद बताया। उनका कहना था कि ये केवल उनकी सोच की उपज है इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मरियम का कहना था कि नवाज कश्मीर मसले को सुलझाने के करीब थे और ये सभी दस्तावेजों में दर्ज है।

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