G20 Summit: प्रधानमंत्री मोदी व चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने मिलाया हाथ, गलवां संघर्ष के बाद पहली बार आमने-सामने
इससे पहले पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले और 2014 के बाद के भारत में बहुत बड़ा फर्क है। देश अब अभूतपूर्व पैमाने और गति से आगे बढ़ रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग मंगलवार को आमने-सामने आए। दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। जी20 शिखर सम्मेलन के एक कार्यक्रम में यह आमना-सामना हुआ। पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच दोनों नेताओं की इस मुलाकात ने सभी का ध्यान खींचा।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi meets Chinese President Xi Jinping and US Secretary of State Antony Blinken at G20 dinner hosted by Indonesian President Joko Widodo in Bali, Indonesia.
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(Source: Reuters) pic.twitter.com/nZorkq4R1Y — ANI (@ANI) November 15, 2022
दरअसल, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो ने जी-20 प्रतिनिधियों के लिए स्वागत रात्रिभोज दिया था। मीडिया के लिए उस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें दोनों नेताओं को हाथ मिलाते देखा गया। जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन एजेंडा में ऐसी किसी बैठक की जानकारी नहीं है।
पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध की शुरुआत के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी पहली बार सितंबर में समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में आमने-सामने आए थे। हालांकि, उस समय दोनों नेताओं के हाथ मिलाने या अभिवादन करने की कोई रिपोर्ट नहीं थी। इस बार दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। गलवां संघर्ष के बाद पहली बार दोनों नेताओं का आमना-सामना हुआ है।
इससे पहले पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले और 2014 के बाद के भारत में बहुत बड़ा फर्क है। देश अब अभूतपूर्व पैमाने और गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत दुनिया के लिए आशा की एक किरण है।
उन्होंने भारत की विकास गाथा, इसकी उपलब्धियों और भारत द्वारा विभिन्न क्षेत्रों जैसे - डिजिटल प्रौद्योगिकी, वित्त, स्वास्थ्य, दूरसंचार और अंतरिक्ष में हासिल की जा रही जबरदस्त प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भारत एक अभूतपूर्व पैमाने और गति से आगे बढ़ रहा है। भारत अब सबसे बड़ी प्रतिमाएं, सबसे बड़े स्टेडियमों का निर्माण कर रहा है।