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दुनिया में पहली बार बच्चे के दोनों हाथों का सफल ट्रांसप्लांट
एजेंसी/ लंदन
Updated Thu, 20 Jul 2017 05:51 AM IST
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दुनिया में पहली बार एक बच्चे के दोनों हाथों का एक साथ सफल ट्रांसप्लांट किया गया है। अमेरिका के डॉक्टरों ने 10 साल के बच्चे को ट्रांसप्लांट कर नए हाथ लगाए। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा अब हाथों से लिखने, कपड़े पहनने से लेकर बेसबॉल भी आसानी से खेल सकता है।
जिऑन हारवेरी जब दो साल का था तभी उसे सेप्सिस बीमारी हो गई थी। सेप्सिस एक घातक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी की वजह से डॉक्टरों को उसके दोनों हाथों को कलाई के पास के काटना पड़ा था। साथ ही उसके पैरों को भी घुटनों के नीचे से काटकर अलग करना पड़ा था। उस दौरान बच्चे की किडनी ने भी जवाब दे दिया था।
डायलिसिस के बल पर जिंदगी काट रहे जिऑन को चार वर्ष की उम्र में उसकी मां ने किडनी डोनेट कर जीवनदान दिया था। बच्चे के हाथों का ट्रांसप्लांट आठ वर्ष की उम्र में किया गया था। आज दो साल बाद वह अपने हाथों से कोई भी काम कर पाने में सक्षम है। डॉक्टरों ने बताया कि उसके नए हाथों ने उसके दिमाग के साथ सामंजस्य बैठा लिया है, जिसके चलते ही यह संभव हो सका।
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जिऑन हारवेरी जब दो साल का था तभी उसे सेप्सिस बीमारी हो गई थी। सेप्सिस एक घातक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी की वजह से डॉक्टरों को उसके दोनों हाथों को कलाई के पास के काटना पड़ा था। साथ ही उसके पैरों को भी घुटनों के नीचे से काटकर अलग करना पड़ा था। उस दौरान बच्चे की किडनी ने भी जवाब दे दिया था।
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डायलिसिस के बल पर जिंदगी काट रहे जिऑन को चार वर्ष की उम्र में उसकी मां ने किडनी डोनेट कर जीवनदान दिया था। बच्चे के हाथों का ट्रांसप्लांट आठ वर्ष की उम्र में किया गया था। आज दो साल बाद वह अपने हाथों से कोई भी काम कर पाने में सक्षम है। डॉक्टरों ने बताया कि उसके नए हाथों ने उसके दिमाग के साथ सामंजस्य बैठा लिया है, जिसके चलते ही यह संभव हो सका।
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पहले भी किया जा चुका है दोनों हाथों का ट्रांसप्लांट
यह पहला मामला है कि जिसमें किसी बच्चे के दोनों हाथों का ट्रांसप्लांट किया गया है। हालांकि इसके पहले साल 1998 में एक अन्य व्यक्ति के दोनों हाथों का ट्रांसप्लांट किया जा चुका है। हारवेरी इस ट्रांसप्लांट को कराने वाला अब तक का सबसे कम उम्र का बच्चा है।
काफी जटिल है हैंड ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया
दोनों हाथों का एकसाथ ट्रांसप्लांट करना एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें कई सर्जिकल और नॉन सर्जिकल उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। ट्रांसप्लांट के पहले कई तरह की चिकित्सीय जांचों से गुजरना पड़ता है। हारवेरी के केस में उसका सघन चिकित्सीय परीक्षण किया गया। वर्तमान में उसके शरीर में किसी तरह का सेप्सिस तो नहीं है, इसकी भी जांच की गई।
10 डॉक्टरों की टीम ने किया ऑपरेशन
10 डॉक्टरों समेत 50 मेडिकल स्टाफ ने मिलकर सफलतापूर्वक यह ऑपरेशन किया, जो पूरी रात चला। आज ऑपरेशन के दो साल बाद हारवेरी अपने हाथों से लिखने से लेकर खेलने तक कोई भी काम कर सकता है।
काफी जटिल है हैंड ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया
दोनों हाथों का एकसाथ ट्रांसप्लांट करना एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें कई सर्जिकल और नॉन सर्जिकल उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। ट्रांसप्लांट के पहले कई तरह की चिकित्सीय जांचों से गुजरना पड़ता है। हारवेरी के केस में उसका सघन चिकित्सीय परीक्षण किया गया। वर्तमान में उसके शरीर में किसी तरह का सेप्सिस तो नहीं है, इसकी भी जांच की गई।
10 डॉक्टरों की टीम ने किया ऑपरेशन
10 डॉक्टरों समेत 50 मेडिकल स्टाफ ने मिलकर सफलतापूर्वक यह ऑपरेशन किया, जो पूरी रात चला। आज ऑपरेशन के दो साल बाद हारवेरी अपने हाथों से लिखने से लेकर खेलने तक कोई भी काम कर सकता है।