{"_id":"67c41d3e4ec4251d64001371","slug":"firefly-aerospace-blue-ghost-lunar-landed-has-successfully-touched-down-on-the-moon-mare-crisium-region-2025-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moon Mission: चांद की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा ब्लू घोस्ट! निजी कंपनी का यह मिशन कई मायनों में है बेहद खास","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Moon Mission: चांद की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा ब्लू घोस्ट! निजी कंपनी का यह मिशन कई मायनों में है बेहद खास
Sun, 02 Mar 2025 03:26 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 02 Mar 2025 03:26 PM IST
सार
इस अंतरिक्ष मिशन ने करीब एक महीना पृथ्वी की कक्षा में चक्कर काटे। इसके बाद वह चंद्रमा की तरफ रवाना हुआ और 16 दिन चंद्रमा की कक्षा में रहने के बाद 2 मार्च को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतरा।
विज्ञापन
ब्लू घोस्ट ने चांद की सतह पर सफलतापूर्वक की लैंडिंग
- फोटो : एक्स/फायरफ्लाई एयरोस्पेस
विस्तार
फायर फ्लाई एयरोस्पेस के चंद्रमा मिशन ब्लू घोस्ट ने चांद की सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने में सफलता हासिल की है। यह लैंडिंग चांद के मेयर क्रीसियम क्षेत्र में हुई। यह मिशन तीन बड़े स्पेस मिशन की शुरुआत है, जो चांद के इस न देखे गए हिस्से में उतरेंगे। 15 जनवरी 2025 को ब्लू घोस्ट मिशन की शुरुआत हुई थी, जब इसे स्पेसएक्स के रॉकेट फाल्कन 9 से अंतरिक्ष में भेजा गया।
नासा के साथ मिलकर निजी कंपनी ने दिया मिशन को अंजाम
इस अंतरिक्ष मिशन ने करीब एक महीना पृथ्वी की कक्षा में चक्कर काटे। इसके बाद वह चंद्रमा की तरफ रवाना हुआ और 16 दिन चंद्रमा की कक्षा में रहने के बाद 2 मार्च को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतरा। फायरफ्लाई एयरोस्पेस कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि ब्लू घोस्ट ने चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर ली है। इसके साथ ही फायरफ्लाई एयरोस्पेस पहली निजी कंपनी बन गई है, जिसके अंतरिक्षयान ने चांद पर लैंडिंग की। यह चांद पर खोज की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। गौरतलब है कि फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने नासा की मदद से इस मिशन को अंजाम दिया।
ब्लू घोस्ट मिशन का क्या है उद्देश्य
ब्लू घोस्ट मिशन के साथ नासा ने अपने 10 पेलोड भेजे हैं, जो उसके कमर्शियल लूनर पेलोड सर्विस प्रोग्राम का हिस्सा है। इस मिशन से चंद्रमा के वातावरण को लेकर अहम जानकारी जुटाने का लक्ष्य है। ब्लू घोस्ट चांद के आंतरिक हिस्से में गर्मी के बहाव का अध्यन करेगा, जिससे वैज्ञानिकों के चांद पर गर्मी की उत्पति का पता चल सकेगा। ब्लू घोस्ट मिशन करीब 14 दिनों का है, यह चांद पर एक दिन के बराबर है। फायरफ्लाई एयरोस्पेस के इस सफल मिशन से चांद पर इंसानी पहुंच को बढ़ाने की कोशिशों को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नासा के साथ मिलकर निजी कंपनी ने दिया मिशन को अंजाम
इस अंतरिक्ष मिशन ने करीब एक महीना पृथ्वी की कक्षा में चक्कर काटे। इसके बाद वह चंद्रमा की तरफ रवाना हुआ और 16 दिन चंद्रमा की कक्षा में रहने के बाद 2 मार्च को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतरा। फायरफ्लाई एयरोस्पेस कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि ब्लू घोस्ट ने चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर ली है। इसके साथ ही फायरफ्लाई एयरोस्पेस पहली निजी कंपनी बन गई है, जिसके अंतरिक्षयान ने चांद पर लैंडिंग की। यह चांद पर खोज की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। गौरतलब है कि फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने नासा की मदद से इस मिशन को अंजाम दिया।
विज्ञापन
ब्लू घोस्ट मिशन का क्या है उद्देश्य
ब्लू घोस्ट मिशन के साथ नासा ने अपने 10 पेलोड भेजे हैं, जो उसके कमर्शियल लूनर पेलोड सर्विस प्रोग्राम का हिस्सा है। इस मिशन से चंद्रमा के वातावरण को लेकर अहम जानकारी जुटाने का लक्ष्य है। ब्लू घोस्ट चांद के आंतरिक हिस्से में गर्मी के बहाव का अध्यन करेगा, जिससे वैज्ञानिकों के चांद पर गर्मी की उत्पति का पता चल सकेगा। ब्लू घोस्ट मिशन करीब 14 दिनों का है, यह चांद पर एक दिन के बराबर है। फायरफ्लाई एयरोस्पेस के इस सफल मिशन से चांद पर इंसानी पहुंच को बढ़ाने की कोशिशों को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन