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पड़ोस: पूर्व बांग्लादेशी राजदूत बोलीं- भारत के साथ शानदार व्यापारिक संबंध, पाकिस्तान कभी आगे नहीं निकल सकता

Thu, 09 Jan 2025 12:02 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 09 Jan 2025 12:02 AM IST
सार

भारत में बांग्लादेश की पूर्व उप-उच्चायुक्त मशफी बिन्ते ने कहा कि शेख हसीना का प्रत्यर्पण मुद्दा महत्वपूर्ण है, लेकिन यह दोनों देशों के रिश्तों को तनावपूर्ण नहीं बनाता है, क्योंकि दोनों देशों के रिश्ते बहुत पुराने हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ व्यापार कभी भी भारत के साथ व्यापार से आगे नहीं निकल सकता है।  

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Ex envoy Mashfi Binte Shams on Bangladesh relations with India and Pakistan and elections
भारत में बांग्लादेश की पूर्व उप-उच्चायुक्त मशफी बिन्ते शम्स - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारत में बांग्लादेश की पूर्व उप-उच्चायुक्त मशफी बिन्ते शम्स ने कहा कि ढाका और नई दिल्ली के रिश्ते बहुत पुराने हैं। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना का भारत से प्रत्यर्पण मुद्दा महत्वपूर्ण है, लेकिन यह दोनों देशों के रिश्तों को तनावपूर्ण नहीं बनाता है। इसके अलावा, उन्होंने भारत और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के व्यापारिक संबंधों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ व्यापार कभी भी भारत के साथ व्यापार से आगे नहीं निकल सकता है। 

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एक साक्षात्कार में शम्स ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते पिछले 50 वर्षों में मजबूत हुए हैं और यह एक दीर्घकालिक संबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें केवल तात्कालिक मुद्दों पर नहीं, बल्कि लंबे समय के संबंधों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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प्रत्यर्पण एक जटिल प्रक्रिया: शम्स
शम्स ने कहा कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया जटिल होती है और इसमें कानूनी और प्रशासनिक पहलू शामिल होते हैं। जब दो देशों के बीच सहयोग होता है, तो भी यह प्रक्रिया पूरा होने में सालों लग सकते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले भी बांग्लादेश से भारत में प्रत्यर्पित किए गए लोगों की प्रक्रिया में बहुत समय लगा था। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक लक्ष्यों और संबंधों पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल मौजूदा समस्याओं पर।
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भारत के साथ व्यापार से कभी आगे नहीं निकलेगा पाकिस्तान के साथ व्यापार: शम्स
पाकिस्तान और ढाका के बीच नजदीकियों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, मशफी बिन्ते शम्स ने कहा कि बांग्लादेश का पाकिस्तान के साथ बढ़ता व्यापार भारत के लिए चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के साथ व्यापार कभी भी भारत के साथ व्यापार से आगे नहीं निकलेगा। 

पाकिस्तान के साथ रिश्तों से कहीं ज्यादा मजबूत भारत-बांग्लादेश के संबंध
शम्स ने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच लोग, संस्कृति, भाषा और अन्य कई समानताएं हैं, जो पाकिस्तान के साथ संबंधों से कहीं ज्यादा मजबूत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बांग्लादेश के पाकिस्तान के साथ कुछ अनसुलझे मुद्दे हैं, जिनके कारण ढाका अभी भी पाकिस्तान को पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर रहा है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ कुछ व्यापारिक संबंध बढ़ रहे हैं और वीजा संबंधी कुछ प्रतिबंध भी हटाए जा रहे हैं। शम्स ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के संबंधों को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई मुद्दे अभी भी हल होने बाकी हैं।

बांग्लादेश-पाकिस्तान के बीच शिपिंग संपर्कों का विचार नया नहीं
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच सीधे शिपिंग संपर्कों का विचार कोई नया नहीं है, और यह पहले से ही चर्चा में था। ऐसा करने से व्यापार में लागत को कम करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलती है।


बांग्लादेश में आम चुनाव की संभावनाओं पर भी दिया जवाब
मशफी बिन्ते शम्स ने बांग्लादेश में आम चुनाव के सवाल पर कहा, स्थिति अनुकूल होने पर चुनाव कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, कहा कि भारत और बांग्लादेश को दीर्घकालिक संबंधों पर विचार करना चाहिए, जिसकी नींव बांग्लादेश की स्वतंत्रता के बाद से ही मजबूत है। उन्होंने कहा, 'मैं 22 साल पहले भारत में काम कर रही था, जब हमारे भारत के साथ संबंध कठिन थे। उस समय संबंध काफी तनावपूर्ण थे। अगर आप 1975 के बाद की सरकार के बारे में सोचें, तो उस समय भारत के साथ संबंध काफी तनावपूर्ण थे। इसलिए मुझे लगता है कि हमें दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि सभी को एक स्वस्थ चर्चा करनी चाहिए, एक-दूसरे पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। बता दें कि मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने हाल ही में घोषणा की कि बांग्लादेश के अगले आम चुनाव 2025 के अंत या 2026 की पहली छमाही में हो सकते हैं। इस पर शम्स ने कहा कि चुनाव लोगों की तत्परता और समग्र वातावरण को ध्यान में रखते हुए ही होंगे।

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