फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   European Space Agency discovered Distorted shape planet first time its year is less than 24 hours

नई खोज: पहली बार खोजा गया विकृत आकार का ग्रह, इसका एक साल 24 घंटे से भी कम समय का

Wed, 02 Feb 2022 06:05 AM IST
कुमार संभव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Wed, 02 Feb 2022 06:05 AM IST
सार

यह विकृत आकार का ग्रह पृथ्वी से कई मायनों में अलग है। इसके मेजबान तारे की परिक्रमा एक दिन से भी कम समय में पूरी होने के कारण न सिर्फ इसका एक वर्ष 24 घंटे का होता है, बल्कि इसका ज्वार भी धरती से काफी अधिक होता है।

विज्ञापन
European Space Agency discovered Distorted shape planet first time its year is less than 24 hours
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक विकृत आकार के ग्रहीय पिंड को खोजा है। 2019 में लॉन्च कैरेक्टराइजिंग एक्सोप्लेनेट सैटेलाइट ने अपनी खोज में पाया कि यह ग्रहीय पिंड गोल आकार का नहीं है और यह अपने मेजबान तारे की परिक्रमा एक दिन से भी कम समय में पूरी कर लेता है। यानी इस ग्रह का एक वर्ष 24 घंटे से भी कम समय का होता है। 

विज्ञापन

यह रखा गया ग्रह का नाम 

यूरोपीय एजेंसी ने इस अजीबोगरीब आकार वाले एक्सोप्लेनेट का नाम डब्ल्यूएएसपी-103बी दिया गया है। यह एक्सोप्लेनेट ग्रहों की आंतरिक संरचना के बारे में एक नया सिद्धांत पेश करता है। इसे लेकर अभी और आगे की खोज जारी है। वैज्ञानिक एंट्रोस वाल्दीमायर ने बताया कि यह ग्रह अपने मेजबान तारे की परिक्रमा करते हुए हरक्यूलिस के तारामंडल में मौजूद है। यह मेजबान तारा सूर्य से 200 डिग्री ज्यादा गर्म और 1.7 गुना बड़ा है। नई खोज के मुताबिक, एक्सोप्लेनेट धरती से 35 प्रकाश वर्ष की दूरी पर मौजूद है और इसका आकार बृहस्पति से दोगुना तथा द्रव्यमान 1.5 गुना अधिक है। इसके अलावा इसका एक वर्ष 24 घंटे से भी कम होने के कारण इसका ज्वार पृथ्वी के ज्वार की तुलना में बहुत ज्यादा है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस ग्रह से अभी कई रहस्यों का खुलासा होना बाकी है। 

विज्ञापन

पृथ्वी से काफी अलग है यह ग्रह

यह विकृत आकार का ग्रह पृथ्वी से कई मायनों में अलग है। इसके मेजबान तारे की परिक्रमा एक दिन से भी कम समय में पूरी होने के कारण न सिर्फ इसका एक वर्ष 24 घंटे का होता है, बल्कि इसका ज्वार भी धरती से काफी अधिक होता है। खगोलविद् मानते हैं कि इस तरह की निकटता किसी ग्रह को अपने होस्ट-तारे से एक मजबूत ज्वार का अनुभव करने का कारण बन सकती है। अभी शोधकर्ता इसे माप नहीं पाए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रग्बी की गेंद जैसा आकार

इस सैटेलाइट की मदद से वैज्ञानिक ग्रहों के घनत्व, संरचना और द्रव्यमान का अनुमान लगाने में सक्षम हुए हैं। इसका आकार किसी रग्बी बॉल की तरह है। वैज्ञानिकों ने एल 98-59 तारे की परिक्रमा करने वाले एक्सोप्लेनेट की भी खोज की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed